जोधपुर जेल में बंद आसाराम को कोर्ट ने दी बड़ी राहत, पहली बार पैरोल की मिली मंजूरी
Court gives big relief to Asaram lodged in Jodhpur jail, parole approved for the first time

जोधपुर/राजस्थान। नाबालिग से रेप के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम को मंगलवार को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने पहली बार उनकी सात दिन की पैरोल को मंजूर कर लिया है। यह पैरोल कोर्ट ने आसाराम को स्वास्थ्य कारणों से दी है। हाईकोर्ट जस्टिस जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी की कोर्ट ने उसे इलाज के लिए महाराष्ट्र के माधोबाग जाने की इजाजत दी है। पैरोल के दौरान आसाराम पुलिस हिरासत में रहेगा। बता दें कि आसाराम की ओर से पहले भी इलाज के लिए पैरोल की अर्जी दी जा चुकी है, लेकिन हर बार उसे खारिज कर दिया गया था।
आसाराम पहले भी जोधपुर के एक निजी आयुर्वेदिक अस्पताल में इलाज करवा चुका हैं। यहां उसे पुलिस सुरक्षा में रखा गया था। इस दौरान उसका इलाज पुणे के डॉक्टरों की देखरेख में करवाया गया था। बाद में तबीयत बिगड़ने पर उसे जोधपुर के एम्स में भर्ती कराया गया था। इसके बाद अब आसाराम ने फिर से पैरोल के लिए अर्जी दी, जिसे स्वीकार कर लिया गया । कोर्ट ने आसाराम को इलाज के लिए 7 दिन की पैरोल दे दी गई।
2013 से जोधपुर जेल में बंद है आसाराम
आसाराम इससे पहले भी अपनी बीमारी का हवाला देकर पैरोल मांग चुके हैं, लेकिन उसकी मांग पूरी नहीं हो सकी थी। 20 जून को, आसाराम ने 20 दिन की पैरोल के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन पैरोल कमेटी ने इसे मंजूर नहीं किया था। बता दें कि 85 वर्षीय आसाराम 2013 से जोधपुर जेल में बंद हैं। जोधपुर पुलिस ने आसाराम को 2013 में इंदौर से गिरफ्तार किया था। उस पर अपने आश्रम में एक नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार करने का आरोप था। पांच साल तक चले मुकदमे के बाद, 25 अप्रैल 2018 को अदालत ने आसाराम को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।




