सह​कारिता विभाग के भ्रष्ट इंस्पेक्टर पर लोकायुक्त ने कसा शिकंजा, 6000 के लिए बेच दिया ईमान

Lokayukta tightens its grip on corrupt inspector of cooperative department, sold his integrity for Rs. 6000

सागर/मध्य प्रदेश। एमपी के सागर जिले में लोकायुक्त की टीम ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। सहकारिता विभाग में पदस्थ सहकारिता निरीक्षक (कोऑपरेटिव इंस्पेक्टर) सह प्रशासक प्रभाकर कंडया को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। वह शिकायतकर्ता राशन विक्रेता से सैलरी निकालने के एवज में 10 प्रतिशत रिश्वत की मांग कर रहा था।
लोकायुक्त पुलिस के इंस्पेक्टर रंजीत सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि रोहित दुबे ने शिकायत दर्ज कराई थी। वह मोतीनगर थाना क्षेत्र में सरकारी उचित मूल्य की राशन दुकान का सेल्समैन है। उसका तीन महीने का वेतन करीब 60 हजार रुपए बन रहा था। उसे यह वेतन कमीशन के रूप में मिलता है। आरोपी सहकारिता निरीक्षक उसका वेतन जारी करने के एवज में 10 प्रतिशत राशि रिश्वत के रूप में डिमांड कर रहा था।
सेल्समैन रोहित दुबे ने इसकी शिकायत बीते दिनों लोकायुक्त एसपी सागर से की थी। टीम ने मामले को वेरिफाई किया गया तो रिश्वत मांगने का आरोप सही पाया गया। इसके बाद टीम ने ट्रैप कार्रवाई का प्लान तैयार किया गया। सोमवार के दिन रोहित दुबे को रिश्वत की राशि के साथ असिस्टेंट कमिश्नर कार्यायल सहकारिता विभाग में बैठे आरोपी प्रभाकर कंडया के पास भेजा गया था।
सहकारिता निरीक्षक सह प्रशासक प्रभाकर कंडया ने जैसे ही रिश्वत के रूप में कैमिकल्स लगे नोट अपने पास रखे तभी शिकायतकर्ता रोहित दुबे बाहर निकल गया। उसने बाहर आकर लोकायुक्त टीम को रुपयों के लेनदेन का संकेत दिया। तत्काल ही टीम ने ऑफिस के अंदर दबिश देकर रिश्वतखोर प्रभाकर कंडया को रिश्वत की रकम के साथ पकड़ लिया। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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