जीटीबी अस्पताल में मरीज पर पंखा गिरने से मौत, मेंटेनेंस पर उठे गंभीर सवाल
दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में मरीज पर सीलिंग पंखा गिरने के बाद उसकी मौत हो गई। परिजनों ने इलाज और हादसे पर सवाल उठाए, जबकि अस्पताल ने मौत का कारण पुरानी बीमारी बताया है। मामले की जांच के साथ अस्पताल की मेंटेनेंस भी सवालों में है।

नई दिल्ली। पूर्वी दिल्ली स्थित जीटीबी अस्पताल की इमरजेंसी में शनिवार देर रात एक गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया, जहां भर्ती मरीज के ऊपर अचानक सीलिंग फैन गिर गया। इस हादसे में मरीज और ड्यूटी पर मौजूद नर्सिंग ऑफिसर घायल हो गए। घटना के कुछ घंटों बाद मरीज की मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर सवाल उठाए हैं।
मृतक की पहचान 42 वर्षीय मोहम्मद अकबर के रूप में हुई है, जिन्हें शनिवार को मेडिसिन विभाग के वार्ड नंबर 27 में भर्ती कराया गया था। अस्पताल के एक कर्मचारी के अनुसार, मरीज पहले से ही हाई ब्लड प्रेशर, स्ट्रोक, एस्पिरेशन निमोनिया और रेस्पिरेटरी फेलियर जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित थे। शनिवार रात नर्स द्वारा नियमित जांच के दौरान अचानक छत से पंखा गिर पड़ा, जिससे मरीज और नर्सिंग कर्मचारी को चोटें आईं। दोनों को तत्काल उपचार दिया गया, लेकिन कुछ समय बाद मरीज की हालत बिगड़ने पर उसकी मृत्यु हो गई।
मरीज के परिजनों ने आरोप लगाया कि पंखा गिरने के बाद उनकी सांस लेने में दिक्कत बढ़ गई थी और इलाज में लापरवाही बरती गई। हालांकि, अस्पताल प्रशासन ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि मरीज की मौत पंखा गिरने से नहीं, बल्कि उसकी पूर्व गंभीर बीमारियों के कारण हुई है। प्रशासन ने यह भी दावा किया कि हादसे में किसी को गंभीर चोट नहीं आई। वहीं, इस घटना में घायल नर्सिंग कर्मचारी की पसलियों में चोट आई है और उनका इलाज जारी है। घटना के बाद अस्पताल परिसर में हंगामे की खबरें भी सामने आईं, हालांकि परिजनों ने इससे इनकार किया है।
इस हादसे के बाद अस्पताल की मेंटेनेंस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अस्पताल कर्मचारियों का कहना है कि कई वार्डों में लंबे समय से बुनियादी रखरखाव की अनदेखी हो रही है। जगह-जगह बिजली के जर्जर तार, खराब एसी, टूटे इलेक्ट्रिक पैनल और उखड़ा हुआ प्लास्टर अस्पताल की खराब स्थिति को दर्शाते हैं। कर्मचारियों के अनुसार, यदि समय रहते मरम्मत और नियमित निरीक्षण नहीं कराया गया, तो भविष्य में और भी बड़े हादसे हो सकते हैं।
फिलहाल अस्पताल प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की बात कही है।




