तीन माह में दिखेगा पुलिसिंग में बदलाव: पुलिस कमिश्नर अजय कुमार मिश्रा

गाजियाबाद ब्यूरो।  जिले में कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद पहले पुलिस आयुक्त अजय मिश्रा ने कहा है कि गणमान्य और सामाजिक लोगों की राय लेकर जिले में पुलिसिंग की जाएगी। जिले में ऐसी कमिश्नरेट प्रणाली होगी कि बदलाव खुद दिखाई देगा। शासन की मंशा के अनुरूप यातायात व्यवस्था, महिला सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर मजबूती से काम किया जाएगा। कमिश्नरेट बनने के बाद जिले को एक हजार पुलिसकर्मी मिलेंगे। शासन द्वारा इसकी स्वीकृति मिल गई है।

जिले में आइपीएस अधिकारी भी शीघ्र मिल जाएंगे। उन्होंने बताया कि अगले 15 दिन के भीतर कमिश्नरेट व्यवस्था को विधिवत रूप से शुरू करा दिया जाएगा। अजय मिश्रा ने बुधवार सुबह पुलिस लाइन पहुंचकर पुलिस आयुक्त का चार्ज लिया। शाम को वह पुलिस लाइन में मीडिया से मुखातिब हुए। अजय मिश्रा मूलरूप से बलिया के रहने वाले हैं और 89 से वाराणसी में रह रहे हैं। वह 2003 बैच के अधिकारी हैं और पूर्व में सुल्तानपुर, इटावा, महोबा, बागपत, प्रतापगढ़, मैनपुरी, वाराणसी, मैनपुरी और कानपुर में तैनात रह चुके हैं।

वह लंबे समय से केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर थे और दो माह पूर्व ही प्रदेश में वापसी की है। प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने से पुलिस के प्रति आम लोगों का विश्वास व उम्मीद बढ़ेगी। पुलिस के अधिकारों के साथ दायित्व भी बढ़े हैं। तीन से चार माह के भीतर जिले में बड़े बदलाव दिखाई देंगे। ये ऐसे सकारात्मक बदलाव होंगे कि इनके बारे में बताने की जरुरत नहीं होगी, यह खुद ही दिखाई देंगे। साइबर अपराध रोकने के लिए तकनीकी रूप से दक्ष लोगों को आगे लाकर उनसे काम कराया जाएगा। इसके साथ ही विभिन्न प्लेटफार्म पर जागरुकता अभियान चलाए जाएंगे। अपराध नियंत्रण के लिए पेट्रोलिंग बढ़ाने के साथ नई योजनाएं बनाई जाएंगी।

अजय मिश्रा का कहना है कि जिले में एक दिन में 40 से 50 एफआइआर दर्ज होती हैं। इसमें 40 से 50 लोग प्रभावित होते हैं लेकिन यदि कहीं जाम लगता है तो एक साथ हजारों की संख्या में लोग प्रभावित होते हैं। जाम किसी अपराध से कम नहीं है। इसलिए जाम के खात्मे के लिए योजना बनाकर काम किया जाएगा।पुलिसिंग को लोगों के अनुकूल बनाकर अपराध में कमी लाएंगे और जांच में तेजी लाई जाएगी। ट्रैफिक व्यवस्था, साइबर अपराध, महिला अपराध, स्नैचिंग पर लगाम लगाई जाएगी। उन्होंने कहा कि हर अपराध की मॉनिटरिंग के लिए उनके साथ आईपीएस अधिकारियों की तैनाती रहेगी। अधिकारियों की संख्या बढ़ने से कार्य में तेजी आएगी। महिलाओं की सुरक्षा की प्रत्येक डीसीपी को जिम्मेदारी दी जाएगी।पुलिस कमिश्नर ने कहा कि निकाय चुनाव पूरे प्रदेश में होने हैं। जिला पुलिस चुनाव की तैयारी पहले से ही कर रही है। पुलिस की भूमिक निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराने में रहेगी।

पुलिस कमिश्नर अजय कुमार मिश्रा ने कहा कि चोरी, लूट व अन्य अपराध से अलग ट्रैफिक जाम भी एक किस्म का अपराध है। ट्रैफिक की अव्यवस्था समाज को प्रभावित करती है। शहर को जाम मुक्त करने के लिए व्यवस्थित ट्रैफिक प्लान बनाकर समाधान निकाला जाएगा।सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाकर अपराध पर लगाम लगाई जाएगी। इसके लिए सभी व्यापारिक संगठनों से समन्वय बनाकर रणनीति बनाई जाएगी।पुलिस कमिश्नरेट भवन के लिए पुलिस ने जमीन की तलाश कर ली है। शासन ने इसके लिए निर्देश दिए हैं। दो जगह जमीन देखी गई है। राजनगर एक्सटेंशन और मधुबन बापूधाम। राजनगर एक्सटेंशन शहर के बिल्कुल बीच में है। मधुबन बापूधाम तेजी से विकसित हो रहा क्षेत्र है। यहां जमीन मिलना आसान है।

तीन बड़ी चुनौतियां
लोनी का अपराध
जिले में सबसे ज्यादा अपराध लोनी क्षेत्र में है। लूट, हत्या और डकैती के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। हाल ही में दोहरा हत्याकांड हुआ है। पशु तस्करी, गोकशी, अवैध असलाह बनाने ,जमीन कब्जाने के केस भी सबसे ज्यादा इसी क्षेत्र में है।
टीएचए के ठिकाने
ट्रांस हिंडन क्षेत्र में बड़े अपराधी छिपने के ठिकाने बना रहे हैं। देश के कई राज्यों से आकर यहां अपराधी छिप रहे हैं। दो माह में तीन मामले आ चुके। माना जा रहा है कि पुलिस के पास बहुमंजिला इमारतों में रहने वालों का रिकार्ड न होने से ऐसा हो रहा है।
फर्जी कॉल सेंटर
ट्रांस हिंडन क्षेत्र और राजनगर एक्सटेंशन में चल रहे हैं। तीन साल में 10 से ज्यादा पकड़े जा चुके लेकिन हर महीने नया खुल रहा है। इनके जरिए साइबर अपराध किए जा रहे हैं। टीएचए और आरडीसी में अवैध रूप से हुक्का बार भी चल रहे हैं।

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