एसएससी एग्जाम में बड़ा गड़बड़झाला, 94 कैंडिडेंट्स का बॉयोमैट्रिक डाटा और फोटो एक ही
Big scam in SSC exam, biometric data and photo of 94 candidates are same

उदयपुर/राजस्थान। उदयपुर के प्रतापनगर थाना क्षेत्र में केन्द्रीय कर्मचारी चयन आयोग की दो वर्षों में हुई भर्ती परीक्षाओं में दो अभ्यर्थियों का बॉयोमैट्रिक डाटा और फोटो एक समान होने का मामला सामने आया है। ऐसे 94 कैंडिडेंट्स को चिन्हित किया गया है, जिनके डाटा में यह गलती हुई है। इस मामले में परीक्षा केन्द्र पर इस दौरान मौजूद 9 पर्यवेक्षकों की मिलीभगत होने की जानकारी मिली है। खुलासे के बाद इनके खिलाफ मामला दर्ज करवाया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार कर्मचारी चयन आयोग उत्तरी क्षेत्र भारत सरकार के क्षेत्रीय निदेशक मनीष मुखर्जी के निर्देश पर मामला दर्ज हुआ है। सहायक निदेशक उत्तरी क्षेत्र प्रदीप कुमार और एएसओ विकास कुमार ने मामला दर्ज करवाया कि कर्मचारी चयन आयोग नई दिल्ली केंद्र सरकार के तहत ग्रुप बी और सी पद की भर्ती के लिए विभिन्न परीक्षाएं आयोजित करता है।
इसके अलावा कर्मचारी चयन आयोग ने संयुक्त स्नातक स्तर परीक्षा 2024, संयुक्त उच्चतर माध्यमिक स्तर परीक्षा 2024, मल्टी टास्किंग (गैर तकनीकी) व स्टाफ हवलदार परीक्षा 2022 और 2023 और चयन पोस्ट चरण ग्रुप जैसी विभिन्न परीक्षाएं आयोजित की। परीक्षा 2024 आईओएन डिजिटल जोन आईडीजेड धोली मगरी (राघव इन्फोटेक डीसी टेक कंपाउंड आदर्श नगर ट्रांसपोर्ट नगर के पास पेसिफिक यूनिवर्सिटी के सामने एयरपोर्ट रोड) पर आयोजित की गई।
इसमें पाया कि इन परीक्षाओं के दौरान 94 अभ्यर्थी भी मिलीभगत में शामिल थे। आयोग ने उम्मीदवारों की ओर से अपलोड की गई तस्वीर और परीक्षा के दिन रजिस्ट्रेशन के दौरान परीक्षा केंद्र पर खींची गई तस्वीर का विश्लेषण किया। इसमें पाया कि परीक्षा के दौरान बायोमेट्रिक डेटा (यानी फोटो और बाएं अंगूठे का निशान) दो अलग-अलग अभ्यर्थियों का एक ही था। जैसे युवराज मीना और साहिल मीना एमटीएस 2023 के दो अलग-अलग उम्मीदवार हैं, लेकिन परीक्षा केंद्र पर रजिस्ट्रेशन के दौरान खींची गई तस्वीर और बाएं अंगूठे का निशान दोनों उम्मीदवारों का एक समान था।
मामला जानकारी में आते ही सभी अभ्यर्थियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। साथ ही उन्हें आयोग की किसी भी परीक्षा में शामिल होने से 7 साल के लिए रोक दिया गया। इन मामले में 9 पर्यवेक्षकों की भी मिलीभगत बताई जा रही है। ऐसा इसलिए क्योंकि दो अलग-अलग रोल नंबरों के लिए परीक्षा केन्द्र में प्रवेश करते समय और परीक्षा पूरी होने के बाद बाहर निकलते समय भी उसी व्यक्ति का बायोमेट्रिक हुई। यानी दो बार कैंडिडेट को बायोमेट्रिक प्रक्रिया गुजरता पड़ा, लेकिन इसके बावजूद भी इतनी बड़ी चूक पकड़ में नहीं आई, लिहाजा अब अब इन पर्यवेक्षकों की भी कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहा है।
ये पर्यवेक्षक टीसीएस कंपनी की ओर से नियुक्त किए गए थे, जिनका नाम मुनेश यादव, ज्योति अडगोड, कृष्णा कंवर, अभय ग्वाला, गीता शर्मा, आशीष शर्मा, जया पालीवाल, दीपांशु मेघवाल, आशीष कुमार है। केन्द्रीय कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) के अधिकारियों ने एसपी से मिलकर इस बारे में रिपोर्ट दी। इस रिपोर्ट के आधार पर प्रतापनगर थाने में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच एएसपी रजत विश्नोंई को सुपुर्द की गई है।




