पत्रकारों के बच्चों को मिलेगा ‘एमपीएससी’ का मुफ्त शिक्षण ‘वॉइस ऑफ मीडिया’ और ‘भगीरथ संस्था’ के बीच पुणे में बड़ा समझौता

पुणे/महाराष्ट्र। पुणे से पत्रकारों के परिवारों के लिए एक बड़ी राहत और खुशखबरी सामने आई है। पत्रकारों की अगली पीढ़ी का भविष्य संवारने के उद्देश्य से ‘वॉइस ऑफ मीडिया’, ‘वीओएम इंटरनेशनल फोरम’ और पुणे स्थित प्रतिष्ठित ‘भगीरथ आईएएस अकैडमी’ के बीच एक महत्वपूर्ण संयुक्त समझौता किया गया है। इस समझौते के तहत महाराष्ट्र सहित देशभर में ‘वॉइस ऑफ मीडिया’ से जुड़े सदस्य और पदाधिकारी पत्रकारों के बच्चों को एमपीएससी और यूपीएससी प्रतियोगी परीक्षाओं की मुफ्त कोचिंग प्रदान की जाएगी। विद्यार्थियों को ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों माध्यमों से शिक्षा दी जाएगी और इसके लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी समान अवसर देने के लिए विशेष योजना बनाई गई है।
पत्रकारों के सर्वांगीण विकास के लिए ‘वॉइस ऑफ मीडिया’ वीओएम इंटरनेशनल फोरम द्वारा आवास, स्वास्थ्य, बच्चों की शिक्षा, कौशल विकास और सेवानिवृत्ति योजना जैसे क्षेत्रों में लगातार कार्य किया जा रहा है। इस नए समझौते से इन प्रयासों को और गति मिलेगी।
समझौते के अनुसार, पत्रकारों के बच्चों को ‘भगीरथ अकैडमी’ में मुफ्त प्रवेश दिया जाएगा। जो विद्यार्थी शहर नहीं आ सकते, उनके लिए घर बैठे ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा भी उपलब्ध होगी। प्रवेश के लिए संबंधित पत्रकार का पहचान पत्र, सदस्य क्रमांक और जिला अध्यक्ष की सिफारिश आवश्यक होगी।
भगीरथ संस्था के संस्थापक निदेशक रंजन वासुदेव कोलंबे ने वर्ष 2006 में इस संस्था की स्थापना की थी। अब तक इस संस्था के माध्यम से 20,000 से अधिक विद्यार्थियों ने प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल की है और 200 से अधिक आईएएस व आईपीएस अधिकारी तैयार किए गए हैं। इस संयुक्त समझौते पर रंजन कोलंबे, ‘वॉइस ऑफ मीडिया’ वीओएम इंटरनेशनल फोरम के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष संदीप काले, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष चेतन बंडेवार और शैक्षणिक विंग के प्रमुख चेतन कात्रे ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर भगीरथ के प्रबंधक सुरजकुमार पाटील भी उपस्थित रहे।
रंजन कोलंबे ने कहा कि पत्रकार समाज की समस्याओं को हल करने में लगे रहते हैं, लेकिन कई बार उनके अपने घर की समस्याएं अनसुलझी रह जाती हैं। इन्हीं समस्याओं के समाधान और उनकी अगली पीढ़ी को सशक्त बनाने के उद्देश्य से यह समझौता किया गया है। संदीप काले ने इसे पत्रकारों के बच्चों के सपनों को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। चेतन बंडेवार ने देशभर के पत्रकारों से इस अवसर का लाभ उठाने की अपील की, जबकि चेतन कात्रे ने अधिक से अधिक जरूरतमंद और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को इस योजना से जोड़ने की जानकारी दी। इच्छुक पत्रकार और उनके बच्चे संबंधित जिला अध्यक्ष या शैक्षणिक विंग के प्रमुख चेतन कात्रे से संपर्क कर सकते हैं।




