नोएडा प्राधिकरण से 3.90 करोड़ रुपये फ्रॉड, मास्टरमाइंड समेत दो लोगों को गिरफ्तार
3.90 crore fraud from Noida Authority, two people including mastermind arrested

नोएडा। नोएडा की क्राइम ब्रांच और थाना सेक्टर-58 पुलिस ने नोएडा प्राधिकरण के 200 करोड़ के एफडी फ्रॉड मामले में मास्टरमाइंड मन्नू भोला सहित दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पश्चिम बंगाल निवासी भोला पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। नोएडा प्राधिकरण में हुए 200 करोड़ रुपये के एफडी घोटाले के मास्टरमाइंड और फर्जीवाड़े को अंजाम देने के लिए नकली दस्तावेज बनाने वाले उसके साथी त्रिदिब दास पकड़ा है। इसकी गिरफ्तारी दिल्ली के कबीर पैलेस होटल से हुई है।इस फ्रॉड मामले में पहले ही 5 आरोपी पकड़े जा चुके थे, लेकिन शातिर मनु भोला फरार चल रहा था। पुलिस टीम ने उसे पश्चिम बंगाल से लेकर नेपाल तक तलाशा था। आरोपियों ने फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर नोएडा प्राधिकरण के नाम से बैंक खाते खोले और उसमें 3 करोड़ 90 लाख रुपये ट्रांसफर कराए। फर्जीवाड़े की रकम हवाला के माध्यम से गुजरात भेजी गई थी। पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश कर रही है।
गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज, दो पेन कार्ड, पांच आधार कार्ड, सात मोहर, 14 डेबिट, क्रेडिट कार्ड, पांच चेक बुक, दो पासबुक आदि बरामद हुए है। आरोपियों को न्यायालय के सामने पेश किया जाएगा। डीसीपी क्राइम शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि मास्टरमाइंड मन्नू भोला ने नोएडा प्राधिकरण की एफडी बनाकर बैंक आफ इंडिया में फर्जी खाता खोलकर 3.9 करोड़ रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए थे। इस संबंध में चार जुलाई 2023 को सेक्टर-58 थाने में प्राधिकरण की ओर से एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
मन्नू भोला और इसके साथी त्रिदिब ने पुलिस पूछताछ में बताया कि हम लोगों ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर नोएडा प्राधिकरण की 200 करोड़ रुपये की फर्जी एफडी बैंक ऑफ इंडिया की शाखा सेक्टर-62 में बनवाई। फिर इसे नोएडा प्राधिकरण को देकर और एफडी के खाते में जमा 200 करोड़ रुपये को तीन-तीन खातों में करीब 3.90 करोड़ रुपये ट्रांसफर किया गया। जब 9 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर रहे थे तो बैंक का शक हो गया और हमारे एक साथी अब्दुल खादर को पुलिस ने पकड़ लिया था।
यह सारा पैसा अब्दुल खादर, राजेश पाण्डेय, सुधीर, मुरारी, राजेश बाबू और अन्य आरोपियों ने हवाला के माध्यम से दिल्ली में नकद प्राप्त कर लिया। इस काम से मुझे लगभग 50 लाख रुपये मिले थे। बाकि पैसा अन्य लोगों में बट गया था। नोएडा प्राधिकरण और बैंक के फर्जी दस्तावेज तैयार करने में त्रिदिब दास ने मदद की। मैंने इसे भी हिस्सा दिया था। अब से लगभग दो वर्ष पहले रांची और इसी साल गोरखपपुर और गुवाहटी असम में सरकारी विभागों की एफडी की धनराशि में भी धोखाधड़ी करने का प्रयास किया था, लेकिन वहां हमें सफलता नहीं मिली।
मास्टरमाइंड मन्नू भोला ने बताया कि मैं अपनी पहचान छुपाने के लिए एक राजीव कपूर के नाम का फर्जी आधार कार्ड बनवा रखा है। मैं जहां पर रूकता हूं, इसी फर्जी आधार कार्ड से रुकता हूं। यह आधार कार्ड भी मेरे और त्रिदिब दास की तरफ से बनवाया गया है और हम इसी तरह के घटना करने के लिए दिल्ली आए हुए थे। इससे पहले घटना को अंजाम देने के बाद मन्नू नोएडा से वाराणसी भाग गया था।
लगभग दो महीने तक वाराणसी में ही रुका रहा। वहां पर होटल में रहकर पुलिस की कार्रवाई पर नजर रख रहा था। इसी दौरान वह बिहार भी गया। पांच आरोपियों की गिरफ्तारी होने पर मामला कुछ शांत हो गया। इसके बाद कोलकाता चला गया। वहां सबसे ज्यादा समय व्यतीत किया। इस बीच असम, गुरुग्राम और दिल्ली में भी रहा। किसी महिला से दिल्ली मिलने आया था और पुलिस के हत्थे चढ़ गया।




