आतंकवादी अफजल गुरु के भाई एजाज गुरु की जम्मू-कश्मीर चुनाव में एंट्री, सोपोर विधानसभा सीट से लड़ने का ऐलान
Afzal Guru's brother Aijaz Guru enters Jammu and Kashmir elections, announces to contest from Sopore assembly seat

श्रीनगर/एजेंसी। संसद हमले के दोषी मोहम्मद अफजल गुरु के भाई एजाज अहमद गुरु ने जम्मू-कश्मीर में चुनावी समर में उतरने की घोषणा की है। वह सोपोर निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ेंगे। एजाज ने कहा कि उनके बेटे की गिरफ्तारी उनके चुनावी मैदान में उतरने का एक प्रमुख कारण है। उनके बेटे शोएब एजाज गुरु को दिसंबर 2023 में बारामुल्ला पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के आरोप में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट (पीआईटी-एनडीपीएस एक्ट) के तहत गिरफ्तार किया था और वह जम्मू की कोट-भलवाल जेल में बंद है।
ठेकेदार के तौर पर काम करने वाले एजाज ने आरोप लगाया कि उनके बेटे के खिलाफ षडयंत्र किया गया। उन्होंने संदिग्ध परिस्थितियों में गिरफ्तार किए गए लोगों के लिए लड़ने की कसम खाई है। एजाज ने दावा किया कि सोपोर को पिछले नेताओं ने उपेक्षित किया। उन्होंने कहा कि वह रोजगार, बुनियादी ढांचे के विकास और युवाओं के पुनर्वास जैसे लंबे समय से चले आ रहे स्थानीय मुद्दों को संबोधित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। वह गुरुवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे।
हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वह अपने प्रचार अभियान में अपने भाई अफजल गुरु का नाम नहीं लेंगे। उन्होंने कहा, ‘मैं अपने भाई के नाम पर वोट नहीं मांगूंगा। मेरी विचारधारा पूरी तरह से अलग है और मेरा मानना है कि कश्मीर के लोगों, खासकर सोपोर के लोगों को राजनीतिक नेताओं ने धोखा दिया है।’
मुख्यधारा की पार्टियों की मुश्किलें और बढ़ाते हुए एक पीएचडी स्कॉलर ने भी सोपोर से चुनावी मैदान में प्रवेश किया है। अंग्रेजी में पीएचडी डिग्री रखने वाले इस्लामिक स्कॉलर फिरोज खुर्शीद ने कहा कि कश्मीर में ‘पूरी तरह से नेतृत्व शून्यता’ है और उन्होंने कभी नहीं देखा कि ‘हमारे तथाकथित नेता विधानसभा में लोगों की शिकायतें उठाएं।’
फिरोज ने कहा कि पिछले राजनीतिक नेतृत्व की विफलताओं के कारण शिक्षित व्यक्तियों को चुनौतियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा, ‘कई पीएचडी धारकों को नीची नौकरियों में जाने के लिए मजबूर होना पड़ा है।’ उन्होंने दावा किया कि कई राजनीतिक दलों ने उन्हें टिकट की पेशकश की थी, लेकिन उन्होंने ‘लोगों को धोखा देने के अपने इतिहास’ के कारण मना कर दिया।
फिरोज ने कहा कि लोगों को ऐसे नेताओं की जरूरत है जो वास्तव में उनके कल्याण के लिए लड़ें। सोपोर में कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस के बीच दोस्ताना मुकाबला चल रहा है। कांग्रेस ने हाजी अब्दुल रशीद डार को मैदान में उतारा है, जो पहले तीन बार इस सीट का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वही इरशाद कार नेशनल कॉन्फ्रेंस के उम्मीदवार हैं।




