सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में हाथियों की मौज!

नहाने के बाद हो रही बॉडी मसाज, खाने में फेवरेट डिश, 7 दिन तक रहेगी फुल ऐश

होशंगाबाद/मध्य प्रदेश। होशंगाबाद के सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में हाथियों की विशेष खातिरदारी की जा रही है। दरअसल यहां 7 सितंबर से 14 सितंबर तक हाथी महोत्सव मनाया जा रहा है, जिसमें यहां के हाथियों को प्रतिदिन स्नान कराकर मालिश की जा रही है। वहीं उन्हें हल्दी-चंदन का श्रंगार भी किया जाता है। हाथियों के पसंदीदा भोजन गुड़ ,गन्ना और केला भी उन्हें खिलाये जाते हैं। महावतों ने हाथियों की विशेष आवभगत की।
आपको बता दें कि सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के जंगलों में प्रतिवर्ष हाथियों के लिये उत्सव मनाया जाता है। इसमें एसटीआर के सभी अधिकारी भी मौजूद रहते हैं। सितंबर माह में जब बरसात कम होने लगती है तब हाथियों को नव यौवन देने के लिये महावतों को उनकी खातिरदारी में लगाया जाता है। हाथियों को उनकी पसंद के व्यंजन बनाकर दिए जाते हैं, जिनमें टिक्कड़, गुड़, केला, गन्ना आदि परोसे जाते हैं। पर्यटकों और वाइल्ड लाइफ से अनजान लोगों को शायद आश्चर्य हो लेकिन एसटीआर के हाथियों को सप्ताह भर नहलाकर उन्हें हल्दी-चंदन से श्रंगार किया जाता है। उन्हें उनका पसंदीदा भोजन दिया जाता है। इस बीच हाथियों से कोई काम भी नही लिया जाता।
प्रतिवर्ष मनाए जाने वाले हाथी महोत्सव की शुरुआत करने फील्ड डायरेक्टर एल कृष्णमूर्ति, डीडी पूजा नागले, एसटीआर के एडीओ अंकित जामोद सहित जिले की कलेक्टर सोनिया मीणा भी पहुंची। 7 सितंबर से 14 सितंबर तक चलने वाले इस हाथी महोत्सव का उद्देश्य हाथियों का पुन:यौवनीकरण होता है। आपको बता दें कि शनिवार को एसटीआर के चूरना पार्क रेंज में पुन:यौवनीकरण शिविर के शुभारंभ में पहुंचे। फील्ड डायरेक्टर एल कृष्णमूर्ति ने बताया कि हाथियों के पुन:यौवनीकरण के लिए सतपुड़ा टाइगर रिज़र्व में हर साल हाथियों को आराम कराकर उनकी खातिरदारी की जाती है।
सालभर जंगल में भ्रमण करने वाले हाथी 7 दिन तक जंगल में आराम करते हैं। उनसे किसी भी तरह का काम नहीं लिया जाएगा। 7 दिन रोजाना नहलाने के साथ उनकी तेल से मालिश होगी। महावत अपने हाथियों को हल्दी और चावल के लेप से सजाते हैं। हाथी महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर जिले की कलेक्टर सोनिया मीणा ने भी हाथियों को गन्ना और केला खिलाए।
एसटीआर में हाथियों की मदद से आदमखोर या जंगल से रहवासी इलाके में पहुंचने वाले टाइगर का रेस्क्यू किया जाता है। इसके साथ यहां चुरना और मढ़ई पार्क में वाइल्ड लाइफ सफारी करने वालों को भी हाथियों की सवारी कर घुमाया जाता है। मड़ई वाइल्ड लाइफ पार्क के हाथी केम्प में पर्यटकों को हाथियों का पूरा परिवार देखने मिल जाता है।

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