आइजीआई एयरपोर्ट थाने में सालों से जमे 25 पुलिसकर्मी हटाए गए, विजिलेंस जांच के बाद दिल्ली पुलिस कमिश्नर का एक्शन
25 policemen posted at IGI Airport police station for years were removed, Delhi Police Commissioner took action after vigilance investigation

राजीव कुमार गौड़/दिल्ली ब्यूरो। भ्रष्टाचार की लगातार शिकायतों और सीबीआई के दिल्ली के थानों पर छापों के बाद पुलिसकर्मियों पर आला अधिकारियों की गाज गिरी है। आइजीआई एयरपोर्ट पर पुलिसकर्मियों द्वारा अव्यवस्था फैलाने और अवैध गतिविधियां में लिप्त होने की शिकायत मिलने पर पुलिस आयुक्त संजय अरोड़ा ने सख्त कदम उठाते हुए एयरपोर्ट थाने के एसएचओ विजेंद्र राणा को तत्काल प्रभाव से थाने से हटाकर पांचवीं बटालियन व एटीओ राज कुमार यादव को तीसरी बटालियन में भेज दिया है।
विभाग में यह सजा के तौर नियुक्ति मानी जाती है। इसके अलावा जुगाड़बाजी लगा एयरपोर्ट थाने में करीब चार साल से अधिक समय से जमे 25 एएसआई और हवलदार को भी वहां से तत्काल प्रभाव से हटा कर उन्हें अलग-अलग जिले और यूनिटों में भेजा गया है। पहली बार ऐसा हुआ है जब भ्रष्टाचार की शिकायत पर इतने बड़े पैमाने पर किसी सबसे महत्वपूर्ण थाने के करीब 60 प्रतिशत कर्मियों को बदलना पड़ा।
इंस्पेक्टर विजेंद्र राणा को छह माह पहले ही एसएचओ लगाया गया था। एटीओ राज कुमार यादव पहले एयरपोर्ट थाने में सब इंस्पेक्टर थे। उन्हें वहां एरोसिटी में चलने वाली गतिविधियों से लेकर तमाम चीजों के बारे में गहरी जानकारी है। पदोन्नति पाने के बावजूद जुगाड़बाजी से वह उसी थाने का एटीओ बन गया। बताया जा रहा है कि डीसीपी का भी वह सबसे खास बन गया था, जिसको लेकर एसएचओ और डीसीपी के बीच मनमुटाव की बात सामने आने लगी थी।
डीसीपी का हाथ होने के कारण एटीओ ही थाने के महत्वपूर्ण मामले को देखते थे। स्थिति बिगड़ने पर किसी ने पुलिस आयुक्त को शिकायत पर एयरपोर्ट पर चलने वाले सभी तरह के खेल की पोल खोल दी। आयुक्त ने विजिलेंस से शिकायत की जांच कराई। विजिलेंस ने जांच कर डीसीपी व एटीओ के खिलाफ मुख्यालय को रिपोर्ट सौंप दी। जिसके बाद एटीओ राज कुमार यादव को 29 जुलाई को तीसरी बटालियन में भेज दिया गया। वह अब तिहाड़ जेल में बंद कैदियों को पेशी के लिए अदालतों में लाने व ले जाने का काम देखेंगे। एसएचओ के आयुक्त के समक्ष पेश होने के बाद उन्हें भी 31 जुलाई को पांचवीं बटालियन में भेज दिया गया।




