हाथरस सत्संग कांड जैसी घटनाओं को रोकेगा ‘क्राउड अलार्म’

गोरखपुर/उत्तर प्रदेश। हाथरस सत्संग भगदड़ के बाद लोग दोबारा ऐसे घटनाएं न होने की कामना कर रहे हैं। वहीं गोरखपुर आईटीएम गीडा के छात्रों ने एक ऐसा डिवाइस तैयार किया है जो भीड़-भाड़ वाले स्थान पर हादसों को रोक देगा। छात्रों ने ऐसा उपकरण तैयार किया है, जो हजारों-लाखों की भीड़ में निगरानी करेगा। साथ ही ये डिवाइस पुलिस को आगाह करते हुए तय सीमा से अधिक भीड़ होने की सूचना देगा, ताकि प्रशासन और पुलिस सतर्क हो जाए।
आईटीएम गीडा के छात्रों ने पिछले दिनों हाथरस में सत्संग के दौरान मची भगदड़ की घटना को देखते हुए एक डिवाइस बनाया है। कंप्यूटर साइंस प्रथम वर्ष के छात्र अंशित श्रीवास्तव और उसके अन्य साथी छात्रों ने ये डिवाइस बनाया है। ये भीड़ वाली जगह जैसे सत्संग, कथा, जनसभा आदि स्थानों पर स्थानीय निर्धारित संख्या सें अधिक भीड़ होने पर तत्काल पुलिस को सूचना देगा। ताकि नजदीकी पुलिस समय रहते स्थिति का सामना करने के लिए तैयार रहे। इस डिवाजइ का छात्रों ने उसका डेमो कॉलेज में किया गया।
छात्रों ने अपने इस उपकरण को ‘क्राउड अलार्म’ का नाम दिया है। ये डिवाइस सत्संग, कथा, रैलियों में होने वाली भीड़ की सूचना पुलिस अधिकारियों तक पहुंचाने मे उन्हें मदद करेगा। ऐसे आयोजनों में कई बार भगदड़ की घटना हो जाती हैं, जैसा कि अभी हाल ही में हाथरस में देखने को मिला। वहां कई लोगों की मौत हो गई। छात्र अंशित ने बताया कि क्राउड अलार्म डिवाइस को आयोजन के प्रवेश द्वार पर लगाया जाएगा। इससे अंदर प्रवेश करने वालों का डेटा डिवाइज स्क्रीन पर पुलिस को दिखता रहेगा। प्रशासन की अनुमति से ज्यादा भीड़ उस जगह पर इकठ्ठा होती हैं तो ये क्राउड डिवाइस मोबाइल नेटवर्क के माध्यम सें थाने के एसएचओ के नंबर पर कॉल कर देगा। इससे पुलिस अधिकारी समय रहते सतर्क हो जाएंगे।
डिवाइस को तैयार करने में 10 से 12 हजार रुपये का खर्च आया हैं। वहीं इसे बनाने मे लेजर सेंसर, एल.डी.आर. सेंसर, कॉउंटर मीटर, 3.7 वोल्ट बैटरी, जीएसएममोबाइल आदि उपकरणों का इस्तेमाल किया गया है। संस्थान के निदेशक डॉ. एन के सिंह ने बताया हाथरस में हुई घटना दुखद है। भविष्य में ऐसी घटना कि पुनरावृति न हो इसके लिे हमारे छात्रों ने एक अच्छा प्रयास किया है। छात्रों की उपलब्धि पर संयुक्त सचिव अनुज अग्रवाल सहित संस्थान के सभी शिक्षकों ने बधाई दी।




