नागपुर में नकली दवाइयों के गिरोह का भंडाफोड़ मामले में एक व्यक्ति गिरफ्तार

नागपुर/महाराष्ट्र। नागपुर जिले की पुलिस ने नकली दवाइयों के गिरोह का भंडाफोड़ किए जाने की घटना के सिलसिले में उत्तर प्रदेश से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस के एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।
नागपुर पुलिस ने मार्च 2023 में इस गिरोह का भंडाफोड़ किया था। उन्होंने बताया कि नागपुर जिले के कलमेश्वर पुलिस थाने की एक टीम ने हाल ही में उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से रमन विजयकुमार तनेजा को हिरासत में लिया।
पुलिस के मुताबिक मार्च 2023 में, महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने नागपुर से लगभग 40 किलोमीटर दूर कलमेश्वर तहसील में एक सरकारी स्वास्थ्य सुविधा से ‘सिप्रोफ्लॉक्सासिन’ गोलियों के नमूने लिए थे और उन्हें परीक्षण के लिए मुंबई की एक सरकारी प्रयोगशाला में भेजा था।
पुलिस ने बताया कि दिसंबर 2023 में आई जांच रिपोर्ट से पता चला कि इन गोलियों का कोई औषधीय महत्व नहीं था, क्योंकि इनमें सिप्रोफ्लॉक्सासिन नामक दवा का कोई अंश नहीं था।
इस दवा को कई जीवाणु संक्रमणों के इलाज के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इन गोलियों की नागपुर स्थित इंदिरा गांधी सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के माध्यम से आपूर्ति की गई थीं, इसलिए एफडीए अधिकारियों ने इस वर्ष की शुरुआत में अस्पताल के स्टोर पर छापा मारा और उसी ब्रांड की 21,600 गोलियां जब्त कीं।
पुलिस ने कहा कि गोलियों की पट्टियों से पता चलता है कि इनका निर्माण गुजरात स्थित एक कंपनी द्वारा किया गया था, जो वास्तव में अस्तित्व में ही नहीं है। पुलिस ने शुरू में तीन लोगों पर मामला दर्ज किया था – मुख्य आरोपी विजय शैलेन्द्र चौधरी, लातूर के हेमंत धोंडीबा मुले और भिवंडी के मिहिर त्रिवेदी। अधिकारी ने बताया कि जांच के दौरान तनेजा का नाम सामने आया और हाल ही में चौधरी को भी गिरफ्तार किया गया।

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