मानव तस्करी के आरोप में यूट्यूबर बॉबी कटारिया गिरफ्तार

गुरुग्राम। देश के युवाओं को नौकरी के नाम पर दूसरे देश भेजकर उनसे धोखाधड़ी करने और मानव तस्करी के आरोप में क्राइम ब्रांच सेक्टर 10 ने यूट्यूबर बॉबी कटारिया को सोमवार शाम गिरफ्तार किया है। उसके खिलाफ सोमवार सुबह ही उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के गोपालगंज निवासी अरुण कुमार की शिकायत पर केस दर्ज किया गया था। पुलिस मंगलवार सुबह बॉबी को कोर्ट में पेश कर पूछताछ के लिए रिमांड पर लेगी।
फतेहपुर निवासी अरुण कुमार ने बजघेड़ा थाने में दी शिकायत में कहा कि वह और उनके दोस्त हापुड़ के धौलाना निवासी मनीष तोमर बेरोजगार थे। दोनों ने इंस्टाग्राम पर बॉबी कटारिया को देखा था। उसके यूट्यूब चैनल पर दूसरे देश में नौकरी लगवाने की बात पता चली। मोबाइल नंबर पर संपर्क किया तो बॉबी ने दोनों को सेक्टर 109 कान्सेंट वन मॉल स्थित कार्यालय में बुलाया।
दस जनवरी को मनीष और एक फरवरी 2024 को अरुण कुमार बॉबी से मिले। अरुण को दुबई में नौकरी लगवाने की बात कह पहले दो हजार रुपये रजिस्ट्रेशन के नाम पर लिए। इसके बाद बॉबी के कहने पर एक लाख रुपये उसके खाते में तो एक लाख रुपये अंकित शौकीन नाम के व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर किए। बॉबी ने एजेंट शौकीन के वॉट्सऐप से लाओस की टिकट भिजवाई। 28 मार्च को बॉबी के कहे अनुसार अरुण एयरपोर्ट पर 50 हजार रुपये डालर में ट्रांसफर कराकर लाओस की फ्लाइट में बैठ गए।
बॉबी ने मनीष से भी करीब ढाई लाख रुपये लिए। अरुण और मनीष दोनों एक साथ लाओस गए। लाओस के एयरपोर्ट पर उन्हें अभी नाम का व्यक्ति मिला। उसने अपने आप को बॉबी का दोस्त और पाकिस्तानी एजेंट बताया। अगले दिन अभी उन्हें ट्रेन से नावतुई ले गया। यहां अंकित शौकीन व नितीश शर्मा मिले। दोनों एक बेनामी चीनी कंपनी में ले गए। कंपनी के अंदर दोनों से मारपीट कर पासपोर्ट छीन लिए गए। अमेरीकियों के साथ साइबर फ्राड करने के लिए मजबूर किया गया।
यहां उन्हें पता चला कि उस कंपनी में पहले से ही करीब डेढ़ सौ भारतीय इसी तरह मानव तस्करी कर लाए गए हैं। इनमें महिलाएं भी थीं। कई लोगों को बॉबी ने ही नौकरी का झांसा देकर यहां भेजा था। अरुण व मनीष ने दो दिन तक काम किया। इसके बाद दोनों भागकर भारतीय दूतावास पहुंचे। यहां मदद लेकर दोनों भारत वापस आ गए। शिकायत के बाद सेक्टर 10 क्राइम ब्रांच ने कार्रवाई करते हुए बॉबी कटारिया को शाम को उसके कार्यालय से गिरफ्तार कर लिया। क्राइम ब्रांच ने ही उसकी गिरफ्तारी की पुष्टि की है। रिमांड के दौरान पूछताछ में कई और मामलों का पर्दाफाश हो सकता है।

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