संतो और उलेमाओं ने पेश की गंगा जमुनी तहजीब,जमकर की बल्लेबाजी और गेंदबाजी

अभय गंगवार/नई दिल्ली। क्रिकेट को हमेशा एक मनोरंजन के साधन के तौर पर देखा गया है। लेकिन दिल्ली के लोग इस बात को बदलते हुए नजर आ रहे हैं। राजधानी दिल्ली में एक ऐसा अनोखा क्रिकेट टूर्नामेंट हुआ जिसने दिल्ली की गंगा-जमुनी तहजीब को बचाने के लिए कदम उठाया है। मैच की शुरुआत शाहदरा डीसीपी सुरेंद्र चौधरी ने टॉस उछालकर कराई पूर्वी दिल्ली खेल परिसर ताहिरपुर में सौहार्द कप खेलकर गंगा जमुनी तहजीब की मिसाल पेश की गयी, इस मैच में हिन्दू मुस्लिम भाईचारे की मिसाल पेश करते हुए हिन्दू संत और उलेमाओं ने जमकर बल्लेबाजी और गेंदबाजी की। आयोजक राजीव निशाना ने कहा हम लोगों को चाहे जितना आपस में लड़वाते रहें लेकिन एक दूसरे को खेल के मैदान में उतरने से भाईचारा बढ़ता है। संतो की तरफ से आचार्य विक्रमादित्य और उलेमाओं की तरफ से मौलाना साजिद रशीदी ने कप्तानी की मैच में अजय गौतम, अशद खान फलेही, शोएब जमई, आचार्य राज मिश्रा, महंत वरुण शर्मा, महामडलेश्वर शेलेशानंद पुरी, योगी राजेश जैन, पंडित आशीष कांडपाल, बिलाल खान, तारिक बुखारी, हाजी महरून रंगरेज, आचार्य शैलेश तिवारी, मैच का आयोजन इंडियन मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन और आईडीएचसी सोसायटी द्वारा किया गया।”देश में हर दिन नफरत बढ़ रही है। अगर इस नफरत को खत्म करना है तो सभी लोगों को एक दूसरे की संस्कृति को जानना और समझना बहुत जरूरी है। जब हम एक दूसरे को जानेंगे तब हम आपस में भाईचारे से रह सकते हैं। अगर सभी लोग इस देश में मिलकर क्रिकेट खेल सकते हैं तो साथ मिलकर रह भी सकते हैं।




