बागपत में गणेश और शनिदेव मंदिर पर गिरी बिजली, 5 किमी तक कंपन्न, टूटकर गिरे बुर्ज

बागपत/उत्तर प्रदेश। बागपत जिले के लचौड़ा गांव में आकाशीय बिजली गिरने से मंदिर क्षतिग्रस्त हो गया। दीवारों में दरारें आ गईं। मंदिर में रखा सामान भी टूटकर बिखर गया। बागपत जिले में रविवार सुबह से ही बारिश हो रही थी। करीब डेढ़ घंटे तक बारिश होती रही। सुबह 10 बजे अचानक मौसम बदलने के साथ तेज गर्जना सुनाई दी। खेकड़ा तहसील क्षेत्र के लहचोडा गांव में हुई तेज गर्जना 5 किलोमीटर तक सुनाई दी। गांव वालों ने देखा कि बिजली मंदिर पर गिरी है। गणेश मंदिर और शनिदेव मंदिर पर आकाशीय बिजली गिरने को लोग अशुभ मान रहे हैं। बिजली गिरने से मंदिर की छत और दीवारों में बड़ी दरारें आ गईं। साथ ही मंदिर परिसर में रखा सामान और कई सामग्री भी क्षतिग्रस्त हो गई। घटना के समय मंदिर में कोई मौजूद नहीं था, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई है। स्थानीय लोगों ने बताया कि तेज धमाके के साथ बिजली गिरी थी। आवाज सुनते ही सबकी सांसें थम गईं। लोग दहशत में घरों से बाहर निकल आए। घटना की जानकारी मिलते ही गांव के लोग मौके पर पहुंचे और मंदिर को देखकर दंग रह गए। आकाशीय बिजली भले की लहचोड़ा गांव में गिरी थी, लेकिन उसकी आवाज और कंपन्न दूसरे गांवों तक सुनाई दी। धरती में इतनी जोर का कंपन्न था, ऐसा लगा कि जमीन फट गई हो। आवाज सुनकर सबका दिल दहल गया।
ग्रामीण रमेश शर्मा का कहना है कि तेज बारिश और बिजली की आवाज से लगा था कि आज कहीं विनाश हो गया है, लेकिन सब सुरक्षित थे। पता चला कि मंदिर पर बिजली गिरी है। श्री गणेश भगवान और शनिदेव का मंदिर क्षतिग्रस्त हो गया। मौके पर सैकड़ों ग्रामीण पहुंचे। सब कह रहे थे कि गांव में बड़ी अनहोनी को श्री गणेश भगवान ने बचा लिया। आकाशीय बिजली से मंदिर पर नुकसान हुआ है।आकाशीय बिजली से मंदिर के आसपास घरों के बिजली उपकरण जल गए। नलकूपों के भी उपकरण फुंक गए। बिजली ट्रांसफार्मर भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं।




