मणिपुर के पूर्व सीएम मैरेम्बम कोइरेंग के आवास पर रॉकेट से हमला, पुजारी की मौत, 13 साल की बच्ची समेत 5 घायल

Rocket attack on the residence of Manipur's first CM Mairembam Koireng, priest killed, 5 injured including a 13-year-old girl

इंफाल/एजेंसी। मणिपुर के बिष्णुपुर में पूर्व सीएम मैरेम्बम कोइरेंग के आवास पर संदिग्ध उग्रवादियों ने एक रॉकेट दागा। रॉकेट आवास परिसर में गिरा, जिसकी चपेट में आकर एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य घायल हो गए। मारे गए बुजुर्ग पुजारी थे। 70 वर्षीय पुजारी मोइरंग फीवांगबाम लेईकाई के आरके रबेई घर में एक धार्मिक समारोह की तैयारी कर रहे थे, तभी छत पर गिरे कच्चे रॉकेट के छर्रे से उनकी मौत हो गई।
पूर्व सीएम मैरेम्बम कोइरेंग का आवास मोइरांग में है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि आवास परिसर में शुक्रवार को एक बुजुर्ग व्यक्ति धार्मिक अनुष्ठानों की तैयारी कर रहा था। इसी दौरान रॉकेट आकर गिरा और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। विस्फोट में 13 वर्षीय लड़की समेत पांच अन्य घायल हुए हैं। शुक्रवार को जिले में दागा गया यह दूसरा रॉकेट था। इससे पहले इम्फाल से लगभग 45 किलोमीटर दूर स्थित ट्रोंगलाओबी में एक रॉकेट दागा गया।
70 वर्षीय पुजारी मोइरंग फीवांगबाम लेईकाई के आरके रबेई घर में एक धार्मिक समारोह की तैयारी कर रहे थे, तभी छत पर गिरे कच्चे रॉकेट के छर्रे से उनकी मौत हो गई। कोइरेंग सिंह के परिजन तत्कालीन भारतीय राष्ट्रीय सेना के मुख्यालय से बमुश्किल 100 मीटर की दूरी पर रहते हैं, जहां लेफ्टिनेंट कर्नल शौकत अली ने 14 अप्रैल, 1944 को पहली बार भारतीय धरती पर तिरंगा फहराया था। रॉकेट हमलों से इंफाल घाटी में अशांति फैल गई। हमले में घायल लोगों में 13 वर्षीय लड़की शेरिना मैरेम्बम भी शामिल है। अन्य चार कोन्जेनबाम जुगेंद्रो, राजीव उर्फ बोबो, सलाम नानाओ और नगांगोम इबोबी हैं।
रॉकेट जहां गिरा, वहां से इंडियन नैशनल आर्मी (आईएनए)यानी आजाद हिंद फौज मुख्यालय की दूरी करीब दो किलोमीटर है। आईएनए के लेफ्टिनेंट कर्नल शौकत अली ने 14 अप्रैल 1944 को मोइरांग में आईएनए के सर्वोच्च कमांडर नेताजी सुभाष चंद्र बोस के मार्गदर्शन में पहली बार भारतीय धरती पर स्वतंत्र भारत का तिरंगा झंडा फहराया था।
ड्रोन हमलों के विरोध में बनाई मानव श्रृंखला
इम्फाल घाटी के पांच जिलों में हजारों लोगों ने शुक्रवार को मानव श्रृंखला बनाई और रैलियों में भाग लिया। इसके जरिए लोगों ने मणिपुर में हाल में हुए ड्रोन और अन्य हमलों का विरोध किया। लोगों ने राज्य में चल रहे संघर्ष से निपटने के सरकार के तरीके पर भी असंतोष जताया। मणिपुर अखंडता संबंधी समन्वय समिति द्वारा आयोजित इस रैली में स्कूल-कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने भी हिस्सा लिया। विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रमुख बाजार बंद रहे और सड़कों पर वाहन नहीं दिखे।
स्कूल-कॉलेज बंद करने की मांग
नागरिकों पर हमले के लिए बीजेपी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार को दोषी ठहराया। संगठन ने मांग की कि जब तक अधिकारी कानून और व्यवस्था पर नियंत्रण नहीं कर लेते, तब तक सभी स्कूल, कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थान अनिश्चित काल के लिए बंद कर दिए जाएं। आतंकवादियों ने 1 और 2 सितंबर के बीच इंफाल पूर्व और इंफाल पश्चिम जिलों में विस्फोटक गिराए। जिनमें से एक हमले में इंडिया रिजर्व बटालियन के तीन बैरक नष्ट हो गए। केंद्रीय और राज्य बलों ने हवाई हमलों से निपटने के लिए एनएसजी की विशेषज्ञता मांगी है।

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