अयोध्या में कूटरचित दस्‍तावेज लगाकर मंदिर की जमीन हड़पने में तीन आरोपियों को 7-7 साल की जेल

अयोध्या/उत्तर प्रदेश। अयोध्या की कोर्ट ने कूटरचित दस्‍तावेज लगाकर मंदिर की जमीन हड़पने के मामले मे तीन आरोपियों को 7-7 साल कैद की सजा सुनाई गई। साथ ही 40-40 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। केस की पैरवी करने वाले वरिष्‍ठ अधिवक्‍ता प्रिय नाथ सिंह ने बताया कि राम किशुन यादव ने फर्जी डेथ सर्टिफिकेट बनाकर अपने को वारिस बताकर बैनामा करवा लिया था। इस भूमाफिया के खिलाफ जिले के अधिकारियों ने इसी तरह के 4 केस पहले से दर्ज करवाए हैं।
उन्‍होंने बताया कि यह मामला अयोध्या कोतवाली के संत गुरु रविदास मंदिर की जमीन का है। जिसमें मुख्‍य आरेापी राम किशुन और दोनों गवाहों पाटेश्वरी प्रसाद मिश्र और महादेव को सजा सुनाई गई है। बताया गया कि वर्ष 2008 में एक तथाकथित साधु को खड़ा कर फर्जी वसीयत बनवा कर मंदिर की जमीन हड़पने के आरोप में महंत घनश्यामपति ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करवाया था।
महंत घनश्यामपति की मृत्यु के बाद उनके शिष्य और मंदिर के वर्तमान महंत बनवारीपति ब्रह्मचारी ने अभिलेखीय साक्ष्य प्रस्तुत कर केस दायर किया था, जिस पर फैसला सुनाया गया है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button