वन स्टॉप सेंटर अनूपपुर में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर आयोजित
वन स्टॉप सेंटर अनूपपुर में 29 अगस्त को विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में महिलाओं को निःशुल्क कानूनी सहायता, पुलिस सहयोग, चिकित्सा सुविधा, मनोवैज्ञानिक परामर्श और अस्थायी आश्रय सहित केंद्र की सुविधाओं की जानकारी दी गई।

सुमिता शर्मा/जिला ब्यूरो चीफ
अनूपपुर/मध्यप्रदेश। नालसा की राष्ट्रीय कार्ययोजना के अंतर्गत प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अनूपपुर श्रीमती माया विश्वलाल के निर्देश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री रावेन्द्र कुमार सोनी के मार्गदर्शन में 29 अगस्त 2026 को वन स्टॉप सेंटर अनूपपुर में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर आयोजित किया गया।
शिविर में तृतीय जिला न्यायाधीश श्री श्रीकृष्ण डागलिया ने वन स्टॉप सेंटर की उपयोगिता और संकटग्रस्त महिलाओं को उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वन स्टॉप सेंटर पर पीड़ित महिलाओं को एक ही स्थान पर आपातकालीन बचाव एवं चिकित्सा सहायता, पुलिस सहायता, कानूनी सहायता एवं परामर्श, मनोवैज्ञानिक परामर्श तथा अस्थायी आश्रय जैसी पांच प्रमुख सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
उन्होंने बताया कि घायल या पीड़ित महिला को तत्काल चिकित्सा एवं एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। पुलिस सहायता के तहत महिला को स्वयं थाने जाने की आवश्यकता नहीं होती, बल्कि केंद्र पर ही एफआईआर या शिकायत दर्ज कराने में सहायता दी जाती है। अनुभवी अधिवक्ताओं के माध्यम से महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी देने के साथ निःशुल्क विधिक सहायता भी उपलब्ध कराई जाती है। हिंसा के कारण उत्पन्न मानसिक आघात से उबरने के लिए पेशेवर काउंसलर के माध्यम से मनोवैज्ञानिक परामर्श की सुविधा भी दी जाती है। सुरक्षित आवास की आवश्यकता होने पर महिला को पांच दिनों तक सुरक्षित आश्रय और भोजन उपलब्ध कराया जाता है।
प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खंड, अनूपपुर श्रीमती विधि डागलिया ने कहा कि वन स्टॉप सेंटर जाति, वर्ग, वैवाहिक स्थिति या शिक्षा के आधार पर किसी भी प्रकार का भेदभाव किए बिना महिलाओं को सहायता प्रदान करता है। उन्होंने बताया कि केंद्र 18 वर्ष से कम उम्र की बालिकाओं सहित सभी वर्ग की महिलाओं के लिए 24 घंटे, सातों दिन संचालित रहता है। उन्होंने कहा कि वन स्टॉप सेंटर केवल एक सरकारी विभाग नहीं, बल्कि संकट की घड़ी में महिलाओं के लिए ‘सखी’ के रूप में सहायता और संरक्षण देने वाला केंद्र है।
शिविर के दौरान महिलाओं को निःशुल्क विधिक सहायता, घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण, भरण-पोषण से संबंधित कानून तथा महिला एवं बाल संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों और उनके अधिकारों के बारे में जागरूक किया गया। उपस्थित महिलाओं को संकट की स्थिति में उपलब्ध कानूनी एवं संस्थागत सहायता का लाभ उठाने के लिए भी प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में वन स्टॉप सेंटर अनूपपुर की केस वर्कर श्रीमती प्रभा केवट एवं सुश्री विधि शर्मा तथा पैरा लीगल वालंटियर श्रीमती वर्षा मरावी, श्रीमती रानी पाण्डेय, सुश्री पंचवटी वट्टे एवं श्रीमती आरती राठौर उपस्थित रहीं। शिविर के माध्यम से महिलाओं को उनके अधिकारों और संकट की स्थिति में उपलब्ध सहायता तंत्र की जानकारी देकर उन्हें कानूनी रूप से जागरूक और सशक्त बनाने का संदेश दिया गया।





