दिल्ली में हुए ब्लास्ट की जांच ब करेगी एनआईए, नेतृत्व करेंगे एडीजी विजय सखारे

नई दिल्ली/एजेंसी। देश की राजधानी दिल्ली में सोमवार को हुए ब्लास्ट मामले की जांच गृह मंत्रालय ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी एनआईए को सौंपी है। दिल्ली ब्लास्ट मामले की जांच के लिए एनआईए ने 10 सदस्यीय टीम गठित की है। इस टीम का नेतृत्व एडीजी विजय सखारे करेंगे। एनआईए की ये दस सदस्यों वाली खास टीम दिल्ली ब्लास्ट मामले की गुत्थी सुलझाने और गुनहगारों तक पहुंचने की चुनौती से निपटेगी। एनआईए की इस अफसरों की टीम में आईजी, दो डीआईजी और तीन एसपी और बाकी डीएसपी स्तर के अधिकारी शामिल हैं। इन सब के बीच आइए आपको बताते हैं इस टीम को लीड करने वाले आईपीएस विजय सखारे कौन हैं?
विजय सखारे केरल कैडर के 1996 बैच के पुलिस अधिकारी हैं। उन्हें साल 2022 में पांच साल की प्रतिनियुक्ति पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी का आईजी नियुक्त किया था। इसी साल सितंबर में उन्हें दो साल के लिए एनआईए का एडिशनल डायरेक्टर जनरल यानी एडीजी बनाया गया है।
बता दें कि आईपीएस विजय सखारे की छवि एक ईमानदार और प्रोफेशनल पुलिसिंग के लिए जानी जाती है। इससे पहले भी विजय सखारे ने कई चर्चित मामलों की जांच का नेतृत्व किया है। इन मामलों में अपराध और हत्या जैसे कई प्रकरण शामिल हैं। आईपीएस विजय सखारे ने साल 2022 में प्रतिनियुक्ति पर एनआईए ज्वाइन किया था। उस दौरान वे केरल पुलिस के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक कानून और व्यवस्था थे। इससे पहले विजय सखारे केरल पुलिस के कई महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुके हैं। उन्होंने कोच्चि सिटी पुलिस कमिश्नर और क्राइम ब्रांच सहित कई अहम जिम्मेदारियों का निर्वहन किया है।
रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि पुलिस अधिकारी बनने के बाद भी आईपीएस सखारे ने पढ़ाई नहीं छोड़ी। उन्होंने हार्वर्ड विश्वविद्यालय, यूएसए से पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर्स पूरा किया है। बताया जाता है कि वह एक अच्छे टेनिस खिलाड़ी भी रहे हैं। उन्हें क्रिकेट खेलना भी काफी पसंद रहा है।
एनआईए डीजी और आईबी चीफ ने बुधवार को दिल्ली ब्लास्ट मामले की जांच के सिलसिल में मीटिंग शुरू कर दी है। जांच के लिए एनआईए ने दिल्ली पुलिस, जम्मू कश्मीर पुलिस और हरियाणा पुलिस से जैश-ए-मोहम्मद के इस टेरर मॉड्यूल की तमाम केस डायरी अपने कब्जे में लेगी। बताया जा रहा है कि दिल्ली मामले की जांच के लिए यूपी एटीएस का सहयोग भी लिया जाएगा। वहीं, आतंकी डॉक्टरों के इस मॉड्यूल जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच होनी है।




