14 साल से फरार 50 हजार के इनामी बदमाश को यूपी एसटीएफ ने दबोचा

गाजियाबाद। दिल्ली-एनसीआर में चोरी के वाहनों काे खंपाने वाले 50 हजार इनामी बदमाश राजकुमार पांडेय को यूपी एसटीएफ ने गुरुवार को बिहार से गिरफ्तार कर लिया। आरोपित के खिलाफ मुरादनगर थाने में 2010 में मुकदमा दर्ज हुआ था। उस समय आरोपित का साथी नगद नारायण गिरफ्तार किया गया था। उसके कब्जे से चोरी की कार बरामद हुई थी। जबकि राजकुमार पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। तभी से पुलिस इसकी तलाश में थी। गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट की तरफ से आरोपित पर 50 हजार का इनाम घोषित किया गया।अब मामला यूपी एसटीएफ को सौंपा गया। मुखबिर की सूचना पर बिहार के पटना से आरोपित की गिरफ्तारी हुई।
डीसीपी ग्रामीण विवेक चंद यादव ने बताया कि गिरफ्तार आरोपित बिहार के थाना छपरा क्षेत्र स्थित गांव मजरिया का राजकुमार पांडेय(52) हैं। आरोपित ने 2001 से 2005 के बीच दवाइयों की सप्लाई का काम किया। इसी दौरान उसकी पहचान छपरा के नगद नारायण से हुई। उसने राजकुमार की मुलाकात दूर के रिश्तेदार लखनऊ के कर्नल एपमी सिंह से कराई।
तीनों ने चोरी के वाहन की खरीद-फरोख्त का काम शुरू किया। पूर्वांचल के बाद इन्होंने अपने पैर दिल्ली-एनसीआर में भी पसारने शुरू किये। वाहनों को चोरी कर उन्हें कम दामों में बेचने लगे। इसके बाद चोरी के वाहनों के पार्ट की बिक्री भी शुरू कर दी। आरोपित नगद नारायण व राजकुमार को 2009 में दिल्ली की कालकाजी पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा।
वहां से जमानत पर आने पर आरोपितों ने क्षेत्र बदल दिया। मुरादनगर में चोरी के वाहनों की खरीद-फरोख्त करने लगे। गाजियाबाद पुलिस ने 2010 में मुखबिर की सूचना पर दबिश दी तो आरोपित नगद नारायण चोरी के वाहन के साथ पकड़ा गया। लेकिन राजकुमार फरार हो गया। नगर नारायण से पूछताछ में कई राज सामने आए। पुलिस ने दोनों के नाम केस दर्ज किया। तभी से पुलिस राजकुमार की तलाश में जुटी थी।




