नोएडा में इंटरनेशनल ठगी गैंग का खुलासा

नोएडा/उत्तर प्रदेश। नोएडा में इंटरनेशनल साइबर ठगी गैंग का भंडाफोड़ हुआ है। गौतमबुद्ध नगर कमिश्नरेट पुलिस ने अमेरिकी नागरिकों से व्यापक स्तर पर साइबर ठगी करने वाले कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह का खुलासा करते हुए 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 6 लैपटॉप, 5 लैपटॉप चार्जर, 2 माउस, 1 यूपीएस, 2 वाई-फाई राउटर, 1 वाई-फाई चार्जर, 15 हैडफोन, 6 मोबाइल फोन, 2 रजिस्टर, 48 हजार रुपये नगद धनराशि और 1 फोर्ड गाड़ी बरामद किया है। नोएडा के थाना एक्सप्रेसवे पुलिस को गुरुवार को बीट पुलिसिंग के माध्यम से गोपनीय सूचना प्राप्त हुई थी। कुछ व्यक्ति विदेशी व्यक्तियों (यूएसए और कनाडा) से साइबर फ्राड कर ठगी करने का कार्य करते हैं। वे आज नोएडा के थाना एक्सप्रेसवे के सेक्टर- 135 यमुना डूब क्षेत्र में गौशाला के पास फार्म हाउस पर बिजनेस डील के सम्बन्ध में एकत्रित होने वाले हैं। सूचना पर पहुंची थाना एक्सप्रेसवे पुलिस ने फार्म हाउस पर दबिश दी।
एडीसीपी नोएडा शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि दबिश के दौरान सचिन लखनपाल, अग्निभ बैनर्जी, राहुल गौतम और जय कुमार कोचर को गिरफ्तार किया गया। सचिन और अग्निभ बैनर्जी पकड़े जाने के दौरान लैपटॉप से राहुल गौतम और जय कुमार कोचर को साइबर फ्राड बिजनेस की प्लानिंग के बारे में जानकारी दे रहे थे। बिजनेस पार्टनर बनाने और इन्वेस्ट करने लिए प्रेरित कर रहे थे। गिरफ्तार किए गए आरोपियों से सख्ती से पूछताछ की गई तो सचिन चौधरी ने बताया कि सुन्दर फार्म के 6जी फ्लोर, सेक्टर-73, ग्राम सरफाबाद, थाना सेक्टर-113 नोएडा में मेरा कॉल सेंटर है। वहां से विदेशी व्यक्तियों विशेषकर यूएसए और कनाडा के लोगों के साथ टेक्निकल सपोर्ट के नाम पर ठगी का कार्य होता है। उसने बताया कि काम शुरू करने के लिए काफी पैसे की जरूरत होती है।
इन्वेस्टमेंट मीटिंग के लिए आए थे साइबर फ्रॉडस्टर
एडीसीपी नोएडा ने बताया कि राहुल गौतम और जय कुमार कोचर पैसे की इन्वेस्टमेंट के लिए मीटिंग के लिए आए थे। वहां पर पुलिस की दबिश और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने सचिन चौधरी और अग्निभ बैनर्जी के साथ उनकी निशादेही पर ग्राम सर्फाबाद सेक्टर-73 में सुन्दर फार्म हाउस के 6वें तल पर स्थित फ्लैट में दबिश दी गयी। वहां से आरोपी पाण्डव बैनर्जी, शमिल खान और मो. हमजा को पकड़ा गया। उस समय वे एक-एक लैपटॉप पर हैडफोन लगाकर विदेशी नागरिकों के साथ साइबर फ्राड में जुटे थे। सचिन चौधरी और अन्य मौजूद लोगों की निशादेही पर दोनों फ्लैट की तलाशी ली गई।
एडीसीपी ने आगे बताया कि आरोपियों के साइबर फ्रॉड कर ठगी करने का तरीका अलग है। ये विदेशी नागरिकों की कॉल को कॉल वेंडर के माध्यम से खरीदते हैं। इसके बाद टेक्निकल सपोर्ट के लिए टोल फ्री नंबर के जरिए कॉल करते हैं। पॉप-अप कॉल और ई-मेल के माध्यम से बातचीत की जाती है। टेक्निकल सपोर्ट के नाम पर पेमेंट यूएसडीटी और बिटकॉइन के जरिए लिया जाता है।

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