गाय के पेट से निकले सिक्के, कांच, नट-बॉल्ट, स्क्रू और पॉलीथीन, डॉक्टरों ने बचाई जान

फरीदाबाद/हरियाणा। हरियाणा में सड़कों पर घूमने वाली लावारिस गाय, भैंस आदि पशु किस कूड़ा खाने को मजबूर हैं। इसका ताजा उदाहरण फरीदाबाद के नांगला गांव में देखने को मिला है। जहां एक बेसहारा गाय दर्द से तड़प रही थी। लोगों ने गाय को तड़पता देखा तो एक सामाजिक संस्था से संपर्क किया। सामाजिक संस्था के डॉक्टरों ने गाय का इलाज शुरू किया। जांच में गया कि गाय के पेट में कचरा है। संस्था के डॉक्टरों ने गाय की सर्जरी कर उसके पेट से 31 किलो कचरा निकाला। गाय के पेट से सिक्के, कांच, नट-बॉल्ट, स्क्रू, पॉलीथीन समेत मिले कई हानिकारक चीजें मिली।
आस्था पशु अस्पताल फरीदाबाद में डॉ. महेश कुमार वर्मा और डॉ. आशीष कुमार दोनों ने गाय का ऑपरेशन किया। उन्होंने बताया कि गाय का पेट फूला हुआ था। कूड़ा-कचरा खाने के बाद गाय की हालत गंभीर थी। वो दर्द से तड़प रही थी। गाय को बचाने के लिए उसकी सर्जरी की गई। गाय के पेट से प्लास्टिक और पत्थर, सिक्के, चश्मा, पेंच, कील, चेन जैसी अन्य अपशिष्ट वस्तुओं को निकाला गया। अब गाय की हालत ठीक है।
संस्था का कहना है कि गाय की इस हालत से पता चलता है कि हमारे कूड़ा इकट्ठा करने और छांटने की प्रणाली में कितनी कमियां हैं। खुले कूड़ेदान और सड़क पर पड़ा कचरा सबसे बड़ी चुनौती है। हरियाणा देश के उन राज्‍यों में से एक है जहां सबसे पहले साल 2011 में प्‍लास्टिक के थैलों पर बैन लगा था। इसके अलावा राज्‍य सरकार गायों के कल्‍याण पर भी जोर देती है। अधिकांश मालिक अपने पशुओं को दिनभर बाहर चरने छोड़ देते हैं। ये जानवर खाने की तलाश में कूड़ेदान के आसपास चले जाते हैं। इसके अलावा लोग भी खाने की चीजें प्‍लास्टिक की थैलियों में रखकर फेंक देते हैं। उन्‍हें भी ऐसा नहीं करना चाहिए।

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