गाजियाबाद में पैसों का लालच देकर धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश, कष्ट दूर करने दावा, 15 गिरफ्तार

गाजियाबाद/उत्तर प्रदेश। साहिबाबाद के करहेड़ा में रुपये का लालच देकर धर्म परिवर्तन कराने का मामला सामने आया। आरोप है कि सोमवार को घर पर किसी कार्यक्रम में शामिल होने के बहाने बुलाकर वहां लोगों से धार्मिक प्रार्थना करवाई गई। इसके बाद दूसरे धर्म को अपनाकर उनके सभी कष्ट दूर हो जाएंगे जैसे बातें भी कही गईं। बीमार लोगों का इलाज कराने और धर्म परिवर्तन करने वालों को पैसे देने की बातें भी कही गईं। ये बातें कुछ लोग वहां से चले गए और पुलिस में शिकायत दी। पुलिस ने भी तुरंत कार्रवाई करते 18 पर केस दर्ज कर 15 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। एसीपी भास्कर वर्मा ने बताया कि शिकायत मिलते ही रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की गई है। आरोपियों के पास से धार्मिक पुस्तकें, गिटार, कार व अन्य सामान भी बरामद हुआ है।
करहेड़ा गांव के सुभाष चंद ने पुलिस को बताया कि रविवार शाम करीब चार बजे गांव में रहने वाला दिनेश मिला था। उसने बताया कि उसने घर पर एक कार्यक्रम रखा है। वह सभी वहां आ जाएं। इसमें उसने आसपास के और लोगों को भी बुलाया। निमंत्रण मिलने पर सुभाष अपनी पत्नी और गांव के अन्य लोगों को लेकर कार्यक्रम में पहुंच गए। वहां पहले से ही बाहर से आए काफी महिला और पुरुष बैठे हुए थे। वे लोग भी स्थान देखकर वहां बैठ गए। इसके बाद धीरे-धीरे एक धर्म की विशेषताओं के बारे में बताया जाने लगा।
‘धर्म बदलकर सभी कष्ट दूर हो जाएंगे’
वहां उन्हें बताया गया कि अगर वे लोग धर्म परिवर्तन करते हैं तो उन्हें काफी पैसे मिलेंगे। साथ ही उनके जो भी कष्ट और बीमारी हैं, वे सभी जल्द ही ठीक हो जाएंगे। यह सब बातें सुनकर वे सभी वहां से चले गए। एसीपी भास्कर वर्मा ने बताया कि शिकायत के आधार पर 18 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। जांच के बाद 15 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस मामले में दिनेश, चंद्र देव राय, बबलू, राजन, जॉय, अश्मत उस्मान, अजय, राजकुमार, अनिता, जयदास, मीनू, रेखा रुचिका, मीनू, गुडिया और दो अज्ञात के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
इससे पहले भी जुटाई जाती थी घर पर भीड़
पूछताछ में पता चला कि आरोपी ने पार्टी के बहाने घर पर बुलाया था। यहां इससे पहले भी इसी बहाने से घर पर भीड़ जुटाई जा रही थी। फिर इलाज कराने और पैसों का लालच देकर धर्म परिवर्तन करने की बात कही जाती थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि घर पर काफी लोग जुटते थे।




