बॉयफ्रेंड को घर बुलाकर दिए 5 लाख रुपये, फिर सिर फोड़कर बताया लूट

रेवाड़ी,(हरियाणा)। दो दिन पहले सेक्टर-4 स्थित एक कंपनी के CEO के घर से दिनदहाड़े 6.70 लाख रुपये लूट का पुलिस ने खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि घर में लूट नहीं बल्कि कंपनी के सीईओ की बेटी ने अपने बॉयफ्रेंड को यह रुपये दिए थे और फिर यह सारा ड्रामा रचा। साजिश में खुद सीईओ की बेटी शामिल थी और कथित नकाबपोश बदमाश कोई और नहीं उसका बॉयफ्रेंड था। इसमें एक नई कहानी यह भी सामने आई कि बॉयफ्रेंड की ओर से ब्लैकमेल किए जाने के बाद बेटी ने यह रुपये उसे दिए। आरोपी बॉयफ्रेंड को पुलिस ने अरेस्ट कर कैश भी बरामद किया है। पहचान रेवाड़ी के मयूर विहार के युवक संस्कार के रूप में हुई है।
शुक्रवार की दोपहर को सीईओ महेश कुमार के घर में मौजूद अकेली बेटी शालू पर दो नकाबपोश बदमाशों ने पिस्टल की बट मारकर 6.70 लाख रुपये लूट की शिकायत दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए बदमाशों का सुराग निकालने के लिए CIA की 3 टीमें बनाई थीं। पुलिस ने 48 घंटों में इस डकैती की गुत्थी को सुलझा लिया।
सोशल मीडिया पर एक साल पहले हुई थी दोस्ती
डीएसपी नरेंद्र सांगवान ने रविवार को लूट का खुलासा करते हुए कहा कि एक साल पहले 20 वर्षीय शालू की दोस्ती इंस्टाग्राम पर संस्कार से हुई थी। दोनों के बीच काफी लंबी बातचीत होती थी और कई बार मिले भी थे। कुछ दिन से संस्कार नशे के लिए शालू पर रुपये देने का दबाव बना रहा था। साथ ही परिवार के सामने फ्रेंडशिप उजागर कर बदनाम करने की धमकी भी दे रहा था। इससे वह घबरा गई और उसने यह साजिश रची।
सिर पर खुद मारी चोट
7 जुलाई को शालू ने उसने अपने घर के पास उसे बुलाया और घर के पीछे जाकर एक पॉलीथिन में 5 लाख रुपए उसे दे दिए। उन्होंने कहा कि सीईओ महेश कुमार व उसकी अध्यापिका पत्नी घर पर नहीं थे और बेटा स्कूल गया था। वारदात को सच साबित करने के लिए शालू ने सिर व हाथ पर लगी चोट दिखाई। जबकि उसने अपने हाथ पर खुद ब्लेड से वार किया था और सिर दीवार में मारकर चोट पहुंचाई थी। पुलिस ने आरोपी बॉयफ्रेंड को दबोच लिया।
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में पढ़ा है मयूर विहार का संस्कार
पहचान रेवाड़ी के मयूर विहार के युवक संस्कार के रूप में हुई है। उसने चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी से बीसीए की पढ़ाई की है। पढ़ाई के दौरान ही वह नशा करने लग गया था। संस्कार की धमकी और डर के कारण शालू ने रुपये दे दिए और झूठी कहानी पुलिस को बता दी। मॉडल टाउन थाना पुलिस ने उस वक्त डकैती सहित विभिन्न धाराओं के तहत केस किया था, जिसे अब धारा 384 में बदला गया है, क्योंकि आरोपी ने लड़की पर जबरन दबाव बनाकर पैसे वसूले थे।




