आगरा मेट्रो पार्किंग में फर्जीवाड़ा, 20 रुपये की जगह 100 रुपये की वसूली, वीडियो से हुआ खुलासा
Fraud in Agra Metro parking, Rs 100 collected instead of Rs 20, video revealed

- मेट्रो की पार्किंग में फर्जी रसीद से हो रही वसूली
- चित्तौड़गढ़ से आए ड्राइवर को थमाई गई 100 रुपये की रसीद
- सोशल मीडिया में टैक्सी ड्राइवर का वीडियो हो रहा है वायरल
आगरा/उत्तर प्रदेश। ताजमहल मेट्रो स्टेशन की पार्किंग में वाहन खड़े करने वालों से फर्जी रसीद से वसूली हो रही है। चित्तौड़गढ़ से सोमवार को आए टैक्सी ड्राइवर को 100 रुपये की रसीद थमा दी गई, जबकि यहां पार्किंग शुल्क 20 रुपये है। आगरा मेट्रो के अधिकारी रसीद मेट्रो की होने से इनकार करते हुए बदनाम करने को किसी के द्वारा ऐसा कृत्य करने की बात कह रहे हैं। पुरानी मंडी चौराहा पर ताजमहल का मेट्रो स्टेशन है। सोमवार दोपहर चित्तौड़गढ़ से टैक्सी ड्राइवर महेंद्र कुमार आए थे। उनके साथ दो विदेशी पर्यटक थे। उन्होंने ताजमहल मेट्रो स्टेशन की पार्किंग में कार खड़ी की। उन्हें पार्किग शुल्क की 100 रुपये की रसीद दी गई।
इंटरनेट मीडिया में महेंद्र कुमार का एक वीडियो प्रसारित हो रहा है। इसमें महेंद्र कह रहे हैं कि डेढ़ माह पूर्व जब वह यहां आए थे, तब 20 रुपये की पार्किंग की रसीद काटी गई थी। इस बार 100 रुपये की अवैध रसीद थमा दी गई। महेंद्र कुमार ने किसी से शिकायत नहीं की, लेकिन उनको पार्किंग शुल्क की फर्जी रसीद थमाए जाने का मामला मेट्रो के अधिकारियों के संज्ञान में है। इस संबंध में संयुक्त महाप्रबंधक जनसंपर्क आगरा मेट्रो पंचानन मिश्र ने बताया कि रसीद मेट्रो पार्किंग की नहीं है। किसी ने बदनाम करने के लिए ऐसा किया है। यह जांच का विषय है। उन्होंने आगे कहा कि टैक्सी ड्राइवर को दी गई अवैध रसीद पर सबसे ऊपर आगरा पार्किंग, नंबर 357, कार का पार्किंग शुल्क 100 रुपये लिखा है। रसीद काटने वाले ने तिथि तो लिखी है, लेकिन उस पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं।
रसीद में नीचे की तरफ पार्किंग की शर्तें लिखी हुई हैं। इनमें रसीद चार घंटे के लिए मान्य होने, पार्किंग का समय सुबह छह से रात आठ बजे तक होने और सामान की किसी तरह की जिम्मेदारी नहीं होने की बात लिखी हुई है।




