मध्यप्रदेश का गजब अस्पताल, टूटे थे पैर और डॉक्‍टर ने चेस्‍ट का करा दिया एक्‍स-रे

छतरपुर,(मध्यप्रदेश)। छतरपुर जिला अस्पताल में एक अजब-गजब मामला सामने आया है। यहां एक घायल महिला के पैर में गंभीर चोट आने के बाद उसे जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टर की लापरवाही से उसके पैरों का छोड़ सीने का एक्सरा कर दिया गया, जबकि महिला सड़क हादसे में घायल हुई थी, उसके पैरों में गंभीर चोट आई थी। जिसके चलते रेफर होकर वह जिला अस्पताल आई हुई थी।

दरअसल, कितपुरा की रहने वाली मझली राजपूत 16 मार्च को टैक्सी से अपने परिवार के लोगों के साथ चुरायरी हार फसल काटने जा रही थी, तभी टैक्सी पलट गई और 4 लोग घायल हो गए। घटना में मझली राजपूत और उसके भतीजे जितेंद्र को गंभीर चोटें आई, जिसके बाद घायलों को स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। जहां से उन्हें जिला अस्पताल के लिए रिफर कर दिया गया।

घायल महिला मझली राजपूत के परिजनों का कहना है कि जिला अस्पताल में वह बीते दिनों मझली का इलाज कराने लाए थे, यहां उसका इलाज नहीं हुआ है। जिला अस्पताल में कोई हड्डी वाले डॉक्टर थे, जिन्होंने देखा और एक्स-रे लिख दिया, जब एक्स-रे कराने गए तो पैर की जगह सीने का एक्स-रे कर दिया, जबकि सीने में किसी भी प्रकार की कोई चोट नहीं है और न ही दर्द है।

मझली की सास काशी और उसके भांजे राकेश का कहना है घटना के बाद हम घायलों को एंबुलेंस की सहायता से जिला अस्पताल ले आए, लेकिन जब एक्स-रे कराने गए तो उसने सीने का एक्स-रे कर दिया, जबकि मझली के दोनो पैरों में गंभीर चोटें आईं है। एक्स-रे करने के बाद एक्स-रे करने वालों ने बाहर निकाल दिया। अब वे दोबारा एक्स-रे नहीं कर रहे। परिजनों का कहना है कि पिछले दो दिनों से परेशान है। सीने के एक्स-रे में पैरों का इलाज कैसे होगा। कुछ समझ नहीं आ रहा है।

जिला अस्पताल में पदस्थ हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ एसके गुप्ता ने मझली राजपूत को देखा था और उसे सर्जिकल वार्ड में भर्ती करा दिया। पैरों के एक्सरे की जगह सीने का एक्स-रे लिख दिया। मामले में जब डॉ.एसके गुप्ता से बात की तो उन्होंने पहले तो सफाई देते हुए कहा की उसके पैर का एक्स-रे हो चुका है, लेकिन बाद में बोले अगर नहीं हुआ तो अभी करा देते है।

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