एटीएम में चिप लगा धोखाधड़ी से रुपये निकालने वाले गिरोह का भंडाफोड़

गुरुग्राम। एटीएम मशीन में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस लगाकर और लोगों के साथ धोखाधड़ी कर एटीएम से रुपये चोरी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है। सेक्टर-10 थाना पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें दिल्ली की दो युवतियां भी शामिल हैं। इस गिरोह ने अब तक आठ वारदात को अंजाम दिया है।
एसीपी क्राइम वरुण दहिया ने बताया कि तीन जून की रात एक्सिस बैंक के मैनेजर ने सेक्टर-10 थाना पुलिस को एटीएम से रुपये चोरी करने के मामले की शिकायत दी थी। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दो युवतियों समेत तीन आरोपितों को धर दबोचा था। इनसे पूछताछ में दो और लोगों को पकड़ लिया गया। आरोपितों की पहचान नूंह के पिनगवां निवासी अहसान, रईस, अशफाक व दिल्ली के शहादरा के पठानपुरा निवासी नंदिनी और भोलानाथ नगर निवासी महक के के रूप में की गई। अहसान इस गिरोह का सरगना है। अशफाक मूल रूप से उत्तर प्रदेश के औरैया का रहने वाला है। ये तीनों एक साथ पिनगवां में रहते हैं।
दोनों युवतियां 22 वर्षीय नंदिनी और महक स्नैप चैट के माध्यम से इन आरोपितों के संपर्क में आई थीं। पैसों के लालच में दोनों इस गिरोह के साथ काम करने लगीं। अहसान, नंदिनी और महक को सेक्टर-10 एक्सिस बैंक के एटीएम से तो रईस और अशफाक को बुधवार सुबह पिनगवां से पकड़ा गया।
रुपये निकालने के दौरान रिमोट से बंद कर देते थे एटीएम मशीन
पुलिस पूछताछ में आरोपितों से पता चला कि ये बिना सिक्योरिटी गार्ड वाले एटीएम को निशाना बनाते थे। ये पहले ही आन, आफ करने के लिए एटीएम मशीन के पावर प्लग में एक चिप सेट लगा देते थे। जब भी कोई व्यक्ति रुपये निकालने आता और रुपये निकालने के प्रोसेस के बाद जब मशीन रुपये गिनने लगती तो गिरोह के लोग उसे रिमोट से बंद कर देते थे।
इसके बाद दोनों युवतियां रुपये निकालने आए व्यक्ति को समझाती कि आपके रुपये 24 घंटे में खाते में वापस आ जाएंगे। जब वह व्यक्ति चला जाता तो ये लोग एटीएम की कैश ट्रे से रुपये निकालकर फरार हो जाते थे। आरोपितों ने इस प्रकार से एटीएम से रुपये चोरी करने की दिल्ली से दो, फरीदाबाद से एक व गुरुग्राम में एक वारदात को अंजाम देने का पर्दाफाश किया।
अहसान पर चोरी के संबंध में चार केस दिल्ली में, एक गुरुग्राम में, रईस पर चोरी के संबंध में दो केस दिल्ली में व एक केस गुरुग्राम में अंकित है।इनके पास से एमजी हेक्टर गाड़ी और 23 हजार रुपये की नकदी बरामद की गई। सभी आरोपितों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। इनके गिरोह के और लोगों के बारे में पता लगाया जा रहा है।




