चलती बस में ड्राइवर को आया हार्ट अटैक, छात्रा होशियारी से टाला बड़ा हादसा

राजकोट,(गुजरात)। राजकोट से एक स्कूल बस के ड्राइवर को चलती बस में हार्ट अटैक आ गया। तो पास में बैठी एक छात्रा स्टेयरिंग को संभाल कर न सिर्फ बड़ा हादसा होने से बचाया बल्कि छात्रा की सूझबूझ से ड्राइवर की जान को भी बचाया जा सकता। सोशल मीडिया पर छात्रा की बहादुरी की खूब तारीफ हो रही है। स्कूल ने भी होशियारी से हादसा टालने वाली छात्रा को सम्मानित किया है। 17 वर्षीय छात्रा स्कूल में 12वीं की छात्रा है। जब यह हादसा हुआ तो वह बस में अकेली थी।
राजकोट जिले के गोंडल में भराड़ विद्यापीठ की एक मक्कम चौक के पास जैसी ही पहुंचने वाली थी। तभी बस के ड्राइवर को दिल का दौरा पड़ा तो ड्राइवर की नजदीक बैठी कक्षा 12वीं की छात्रा भार्गवी ने स्टेयरिंग पकड़ ली और बस को दूसरी साइड को मोड़ दिया। बस सड़क पर खड़ी एक क्रेटा के छूती हुई बिजली के खंभे में टकराकर रुक गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अगर छात्रा ने स्टेयरिंग नहीं संभाली होती तो बस सिग्लन बंद होने के कारण खड़े कई वाहन चालकों पर पलट जाती और कई वाहन क्षतिग्रस्त हो जाते। इस घटना के बाद लोगों की भीड़ जमा हो गई और उन्होंने तुरंत 108 को सूचना दी। स्कूल बस के चालक हारूनभाई को बेहोशी की हालत में सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया।

12वीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा भार्गवी व्यास ने अहमदाबाद मिरर को बताया कि वह स्कूल बस से जा रही थी। तभी उसने देखा कि ड्राइवर हारुनभाई को दिल का दौरा पड़ा है। बोलते-बोलते हारुनभाई की जीभ लड़खड़ा रही थी और बस डगमगा रही थी। तो मैंने स्टेयरिंग को पकड़कर बस को दूसरी तरफ मोड़ दिया। भार्गवी के अनुसार हरून भाई चलती बस के स्टीयरिंग पर गिर गए। मैंने देखा कि सड़क पर बहुत ट्रैफिक था। यहां तक कि स्कूली बच्चे भी पैदल जा रहे थे। करीब 100 मीटर दूर ट्रैफिक सिग्नल था। सभी सिग्नल खुलने का इंतजार कर रहे थे।
भारड़ स्कूल के ट्रस्टी जतिन भारड़ ने कहा कि भार्गवी अपने घर से स्कूल बस में सवार होने वाली पहली छात्रा थी। शनिवार को स्कूल का वार्षिक समारोह था। वह बस में अकेली थी और आगे की सीट पर बैठी थी, क्योंकि वह ड्राइवर हारूनभाई को जानती थी। दोनों के बीच सामान्य बातचीत हुई। ऐसा करते करते हारूनभाई को अचानक दिल का दौरा पड़ा था। इस दौरान उसने साहस का परिचय दिया। जतिन भारड़ ने कहा कि उन्हें इस बच्ची पर गर्व है और राहत की बात है कि इनकी बहादुरी से एक बड़ा हादसा टल गया। राजकोट में इससे पहले एक हार्ट अटैक की तीसरी बड़ी घटना है। पिछले दिनों एक बच्ची की स्कूल में हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। इसके बाद क्रिकेट खिलाड़ी की भी मौत हो गई थी।

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