टाइमर बम से दंगों की आग में झुलसाने की साजिश,मुजफ्फरनगर से गिरफ्तार महिला का बड़ा खुलासा

मेरठ/उत्तर प्रदेश। यूपी की मेरठ एसटीएफ टीम ने शनिवार को मुजफ्फरनगर से इमराना को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद इमराना को कोतवाली थाने लाया गया। यहां एसटीएफ के अलावा एटीएस,आइबी, आर्मी इंटेलीजेंस सहित अन्य खुफिया एजेंसियां पूछताछ में जुटी हुई हैं। माना जा रहा है कि इमराना बोतल टाइम बम/आईईडी से जुड़े कई राज खोल सकती है।
यूपी के मुजफ्फरनगर कोतवाली थाना क्षेत्र के खालापार मिमलाना रोड लालीला टीला निवासी जावेद को शुक्रवार को यूपी एसटीएफ मेरठ यूनिट ने मुजफ्फरनगर से चार बोतल टाइमर आईईडी बम के साथ गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान जावेद ने जो खुलासा किया उससे मुजफ्फरनगर सहित लखनऊ तक हड़कंप मच गया। जावेद ने बताया कि खालापार निवासी इमराना नाम की महिला ने उससे यह बम तैयार कराए थे। एसटीएफ ने सप्लाई करने जा रहे आरोपी दबोच लिया है।
इसके बाद एसटीएफ ने इमराना की तलाश शुरु कर दी। कई जगह दबिश डाली लेकिन वह परिवार सहित फरार मिली। पूरी रात एसटीएफ की टीम इमराना और उसके परिवार की तलाश में जुटी रही। आखिरकार शनिवार को कामयाबी हाथ लगी और इमराना को मुजफ्फरनगर से ही एसटीएफ ने धर दबोचा। इमराना की गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही खुफिया एजेंसी, आईबी, एटीएस और आर्मी इंटेलीजेंस ने मुजफ्फरनगर में डेरा डाल दिया है।
गिरफ्तारी के बाद इमराना का सनसनी खेज खुलासा
ऑर्डर पर टाइम बम बनवाने वाली इमराना ने गिरफ्तारी के बाद कई चौंकाने वाले खुलासे किये हैं। इंटेलिजेंट्स टीमों की अभी तक हुई पूछताछ में जावेद और इमराना की बातें काफी मेल खा रही हैं। इमराना ने खुलासा किया कि जावेद के घर उनके पिता हकीम जरीफ अहमद के यहां दवा लेने जाया करती थी। तभी से जावेद को जानती थी उसे पता था की जावेद अच्छा घड़ी मैकानिक है और पटाखे बनाने का काम भी जानता है।
एसपी एसटीएफ ब्रजेश सिंह ने बताया की पूछताछ शुरु हुई तो इमराना ने कई चौकाने वाले राज खोल दिये। इमराना ने बताया कि मुजफ्फरनगर दंगे में दंगाइयों ने उसका घर जला दिया और उसका घोड़ा लूटकर ले गये। वह टूट चुकी थी और इंतकाम लेना चाहती थी। उस वक्त वह एक हकीम जरीफ अहमद के यहां दवा लेने जाया करती थी। हकीम जरीफ के बेटे जावेद से यहीं उसकी मुलाकात हुई। धीरे-धीरे दोनों का मिलना जुलना शुरु हो गया।
55 टाइमर बम बनवाए
तभी खुलासा हुआ कि जावेद बम तैयार करने में माहिर है। इसलिए उसने 2009 में जावेद से दो टाइमर बम बनवाए और उन्हें बाद में जंगल में विस्फोट कर ट्राई किया। 2013 के मुजफ्फरनगर दंगों में दंगाइयों ने उसका घर जला दिया और घोड़ा लूटकर ले गये। दंगे के इंतकाम की आग इमराना के भीतर जल रही थी। उसने दो-चार नहीं बल्कि 55 टाइम बम जावेद से तैयार करा लिये और उन्हें 25 से 30 लोगो को बांट दिए और कुछ को नहर में फेंक दिया।
मेरठ एसटीएफ एसपी बिर्जेश सिंह ने बताया की पूछताछ में इमराना ने यह भी बताया की वर्तमान के हालातों से बेहद डरी हुई थी। उसे यह महसूस हो रहा था कि कभी भी दंगे हो सकते हैं। इसलिए वह दोबारा जावेद के संपर्क में आयी। 10 टाइमर बम का ऑर्डर उसने जावेद को दिया, जिनमें से पहली खेप पांच टाइम बम की दी जानी थी। पांच बम 50 हजार रुपये में तय हुए। डिलीवरी से ठीक पहले एक बम हीटअप होने लगा, जिसे नष्ट करना पड़ा। चार बम डिलीवर करने जावेद निकला था कि एसटीएफ के हत्थे चढ़ गया।




