तहसील के लॉकअप में बकाएदार की मौत के मामले में तहसीलदार और एसडीएम पर गैर इरादतन हत्‍या का केस

सोनभद्र,(उत्तर प्रदेश)। सोनभद्र में ओबरा के एसडीएम राजेश सिंह और दुद्धी के तहसीलदार बृजेश वर्मा के खिलाफ गैर इरादतन हत्‍या का मुकदमा दर्ज किया गया है। तहसील के लॉकअप में बकाएदार की मौत के मामले में यह मुकदमा रॉबर्ट्सगंज तहसीलदार की तहरीर पर दर्ज किया गया है। तहरीर के मुताबिक यूनियन बैंक (यूबीआई) से लिए गए 10.21 लाख रुपये के कर्ज की वसूली के लिए बकाएदार सुधाकर दुबे को राजस्‍व बंदी गृह में रखा गया था। 19 मई, 2022 को हवालात में सु धाकर की मौत हो गई थी। इसकी सूचना अधिकारियों को नहीं दी गई थी।
यही नहीं, पोस्‍टमॉर्टम करवाए बिना परिवारीजनों को शव सौंप दिया गया था। मानवाधिकार संगठन पीपुल्‍स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज (पीयूसीएल) ने राष्‍ट्रीय मानवाधिकार आयोग में इसकी शिकायत की थी। यह मामला इलाहाबाद हाई कोर्ट में भी लंबित है। जानकारी के मुताबिक, धर्मशाला चौक पर इलेक्‍ट्रॉनिक सामान की दुकान चलाने वाले सुधाकर दुबे को यूबीआई के दस लाख रुपये न चुकाने पर 12 मई 2022 को सदर तहसील के राजस्‍व हवालात में डाल दिया गया था। 19 मई को सुधाकर दुबे की तबीयत बिगड़ गई। उन्‍हें जिला अस्‍पताल ले जाया गया जहां से बीएचयू रिफर कर दिया गया।

बीएचयू के डॉक्‍टरों ने सुधाकर दुबे को मृत घोषित कर दिया। इस मामले की डीएम ने न्‍यायिक जांच करवाई। एडीएम ने अपनी जांच रिपोर्ट में तत्‍कालीन तहसीलदार बृजेश कुमार वर्मा को लापरवाही का दोषी पाया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, तहसीलदार ने हिरासत में बकायेदार की तबीयत बिगड़ने जैसी गंभीर घटना के बावजूद अस्‍पताल आना जरूरी नहीं समझा। इस बारे में तहसीलदार ने उच्‍च अधिकारियों को कोई सूचना भी नहीं दी।

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