भ्रष्टाचार के तांडव में किसी से पीछे नहीं है जीटीबी एन्क्लेव थाना पुलिस

दिल्ली ब्यूरो। पुलिस विभाग जिसका मुख्य कार्य भ्रष्टाचार की रोकथाम करना व कानून व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाना होता है। आज वही पुलिस विभाग भ्रष्टाचार का पर्याय बनता दिखाई दे रहा है। यह भी सही है कि कई अन्य विभाग भी पुलिस से अधिक भ्रष्ट हैं मगर पुलिस तो इन भ्रष्ट लोगों पर शिकंजा कसने वाली संस्था है। इसका खुद ही भ्रष्टाचार में संलिप्त होना एक सवालिया निशान है। पुलिस के अधिकारियों व कर्मचारियों को बेहतरीन प्रशिक्षण देकर एक हीरे की तरह तराश कर समाज की सेवा के लिए उतारा जाता है, मगर कुछ ही वर्षों के बाद वे मानवीय मूल्यों को ताक पर रखकर पुलिस की परंपरागत अपसंस्कृति में ढल जाते हैं। पुलिस वाले समझने लगते हैं कि उनका अधिकार क्षेत्र बहुत बड़ा है और वह अपने पद एवं अधिकारों का का दुरुपयोग करना शुरू कर देते हैं। ऐसे ही भ्रष्टाचार का पर्याय बनता जा रहा है राजधानी दिल्ली के शाहदरा जिले में स्थित जीटीबी एन्क्लेव थाना जहां आमतौर पर देखा जाता है कि पुलिस समय पर किसी की एफआईआर नहीं लिखती और यदि लिख भी ले तो तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत किया जाता है। कई बार गंभीर अपराध को केवल निवारक कार्रवाई के रूप में तब्दील कर दिया जाता है। गुप्त सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि पीड़ित व्यक्तियों को भी अनावश्यक रूप से थाने में बार-बार बुलाया जाता है तथा अपराधियों के साथ समझौता करने के लिए भी दबाव डाला जाता है। पुलिस द्वारा पुलिस का नाजायज तौर पर आम लोगों को तंग करना आमतौर पर सुनने-देखने को मिलता है। अब प्रश्न यह उठता है कि पुलिस ऐसे कारनामों को करने के लिए क्यों विवश हो जाती है ? सूत्रों के अनुसार वर्तमान समय में जीटीबी एन्क्लेव थाना क्षेत्र में अवैध नशे एवं वेश्यावृत्ति का कारोबार चरम सीमा पर है।
जीटीबी एन्क्लेव थाना क्षेत्र में स्नैचिंग की वारदात होना तो आम बात बन गई है, आये दिन स्नैचिंग की अनेक घटनाएं सामने आ रही हैं मगर जीटीबी एन्क्लेव थाना पुलिस उस पर लगाम नहीं लगा पा रही है। जीटीबी एन्क्लेव थाना पुलिस अपराध और अपराधियों पर लगाम लगाने में नाकाम साबित हो रही है। आम जनता की परेशानियों को देखते हुए दिल्ली के पुलिस कमिश्नर श्री संजय अरोड़ा ने सभी थानों में आम जनता की समस्याओं का जल्द से जल्द निवारण करने का निर्देश दिया है। मगर जीटीबी एन्क्लेव थाने में आम जनता संतुष्ट दिखाई नहीं दे रही है इसका मुख्य कारण है जीटीबी एन्क्लेव थाने के पुलिसकर्मियों का जनता के प्रति अभद्र एवं निंदनीय व्यवहार। जीटीबी एन्क्लेव थाना पुलिस को आम जनता की परेशानियों से कोई सरोकार नहीं है बल्कि इसके उलट गरीब रेहड़ी, पटरी वालों से उगाही की जा रही है। जीटीबी एनक्लेव थाने में भ्रष्टाचार का होना कोई नई बात नहीं है, अप्रैल 2023 में जीटीबी एन्क्लेव थाने में तैनात इंस्पेक्टर इंवेस्टिगेशन शिव चरण मीणा के खिलाफ केस दर्ज कर सीबीआई ने उन्हें गिरफ्तार किया था। सीबीआई ने हत्या के मामले के एक मुल्जिम से एक लाख रुपये रिश्वत मांगने के आरोप में जीटीबी एन्क्लेव थाने में छापा मार वहां तैनात एक इंस्पेक्टर इंवेस्टिगेशन मीणा समेत एक एएसआई व दिल्ली होम गार्ड के एक जवान को हिरासत में लिया था। सीबीआई की कार्रवाई को देखते हुए पुलिस विभाग ने इंस्पेक्टर मीणा को निलंबित कर दिया था।
अब सवाल है कि क्या थाना क्षेत्र में इस तरह का भ्रष्टाचार होना बगैर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के संरक्षण के संभव है? इसके अतिरिक्त विश्वसनीय सूत्रों से यह भी ज्ञात हुआ है कि जीटीबी एन्क्लेव थाने के कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों एवं पुलिसकर्मियों की चल-अचल संपत्ति में भी इजाफा हुआ है जो कि एक जांच का विषय है। इस संबंध में दिल्ली पुलिस कमिश्नर,गृह मंत्रालय(भारत सरकार) एवं सीबीआई(केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) को भी सूचित कर दिया गया है। खबर लिखने पर जीटीबी एन्क्लेव थाना पुलिस द्वारा कई पत्रकारों को पुलिसिया लहजे में झूठे मामलों में फंसाने की धमकियां भी दी जा चुकी हैं जो कि एक अपराध है और मीडिया की स्वतंत्रता पर हमला भी है। अब देखना यह है कि इस मामले में संबंधित उच्च अधिकारी क्या कार्यवाही करते हैं एवं आम जनता की नजरों में दिल्ली पुलिस के प्रति विश्वास को कितना बरकरार रख पाते है। जिससे कुछ भ्रष्ट पुलिस कर्मियों की वजह से दिल्ली पुलिस की छवि धूमिल होने से बच सके एवं आम जनता पुलिस से भयमुक्त होकर पुलिस को अपना मित्र समझ कर न्याय की गुहार लगा सके। जहाँ एक तरफ शाहदरा जिले के डीसीपी रोहित मीणा सराहनीय कार्यों एवं कर्तव्यनिष्ठा से जिले व दिल्ली पुलिस का नाम रोशन कर रहे हैं। वहीं दुसरी तरफ जीटीबी एन्क्लेव थाना पुलिस दिल्ली पुलिस की छवि धूमिल करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है।




