बीमार बुजुर्ग मां के साथ सहारा कंपनी के गेट पर बैठा स्टेट लेवल का खिलाड़ी

नोएडा ब्यूरो। नोएडा के सेक्टर-11 स्थित सहारा के गेट पर स्टेट लेवल खेल चुके चंद्रकिशोर यादव अपनी बीमार बुजुर्ग मां के साथ धरने पर बैठ गए हैं। चंद्रकिशोर यादव एक शूटर खिलाड़ी हैं, और अब नेशनल खेलने की तैयारी में हैं। अपने घर की जमा पूंजी को डूबते देखकर चंद्रकिशोर अपनी नेशनल खेलने की तैयारी को छोड़कर सहारा के गेट पर धरने पर बैठ गए हैं। शूटर खिलाड़ी का कहना है कि कोई सुनने वाला नहीं है, लिहाजा इतने पैसे डूबते देखकर सहारा के गेट पर अपनी बीमार मां के साथ मजबूरी में धरने पर बैठना पड़ गया है।
चंद्रकिशोर यादव ने मीडियाको बताया कि मेरे पिता का नाम शिव कुमार यादव निवासी गांव गढ़ी चौखंडी है। मेरे पिता ने वर्ष 2012 में सहारा में पैसा जमा किया था। सहारा पर हमारे करीब साढ़े 3 करोड़ रुपये बकाया है। जिसमें से सहारा ने करीब 7 वर्ष में 2-2 लाख कर के करीब डेढ़ करोड़ रुपये वापिस कर दिए हैं। लेकिन अब हमारे बाकी के पैसे वापिस देने के लिए मना कर दिया। मेरे पिता कर्ज में डूबे हैं। मैं आज अपने पैसे लेने के लिए अपनी बीमार बुजुर्ग मां (62) के साथ नोएडा के सेक्टर-11 स्थित सहारा ऑफिस के गेट पर मजबूरी में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं।मेरे परिवार ने अपनी पूरी जिंदगी की गाढ़ी कमाई सहारा में जमा करी थी। पर अब हमारा पैसा सहारा नहीं दे रहा है। सहारा से पैसे ना मिलने के कारण मेरे पिताजी मानसिक रूप से बीमार हो गए हैं और मुझे पहचान भी नहीं पा रहे हैं। इनका इलाज एक मेंटल अस्पताल में चल रहा है। मैं और मेरी बीमार मां (62) सहारा से पैसे मांगते-मांगते थक गए हैं, पर हमें हमारा पैसा नहीं मिल रहा है।चंद्रकिशोर ने आगे बताते हुए कहा कि मैं सहारा ऑफिस के गेट पर कुछ दिन पहले आकर बैठा तो सहारा प्रबंधन ने मुझे गिरफ्तार करवा दिया था। तब भी मैंने कहा था कि भले ही मुझे जेल भेज दो पर हमारे पैसे दे दो, तब सहारा ने उस समय पैसे देने का आश्वासन मुझे दिया था लेकिन मुझे पैसे नहीं मिले। अब फिर मुझे सहारा के गेट पर अपनी बीमार बेबस मां के साथ मजबूरन धरने पर बैठे हैं। मेरा प्रदेश के मुख्यमंत्री जी से अपील है कि मेरे परिवार की परेशानी को देखते हुए मेरी मदद करें। इस मामले पर अभी सहारा की ओर से कोई वक्तव्य नहीं आया है।

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