उगाही के आरोप में सीमापुरी थाने के दो सिपाही समेत तीन गिरफ्तार, सेल्स एजेंट को अगवा कर वसूले डेढ़ लाख

राजीव कुमार गौड़,(दिल्ली ब्यूरो)। दिल्ली पुलिस के तीन जवानों से खाकी पर दाग लगा दिया। आरोप है कि इन लोगों ने सेल्स टैक्स एजेंट को अगवा कर उससे वसूली कर ली। पीड़ित को झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई। आरोपी कार से उसे राजधानी की सड़कों पर घुमाते रहे। इस दौरान उसकी पिटाई भी कर दी। पीड़ित से करीब डेढ़ लाख रुपये लेकर उसे छोड़ दिया गया। अगले दिन पीड़ित जीटीबी एंक्लेव थाने पहुंचा, जिसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को खबर दी गई। छानबीन के बाद एजेंट की शिकायत पर अगवा कर वसूली करने का मामला दर्ज कर लिया गया। पुलिस ने इस संबंध में सीमापुरी थाने के दो सिपाही संदीप व रॉबिन और एक अन्य वाहिद को गिरफ्तार कर लिया है। दिल्ली पुलिस के ही एक अन्य सिपाही अमित व सीमापुरी के एक बदमाश गौरव उर्फ अन्ना की पुलिस को तलाश है। इनकी तलाश में छापेमारी की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार पीड़ित मोहम्मद सलीम (बदला हुआ नाम) परिवार के साथ ताहिरपुर, जीटीबी एंक्लेव इलाके में रहते हैं। वह आईटीओ स्थित दफ्तर में सेल्स टैक्स एजेंट हैं। 11 अक्तूबर की रात को वह अपनी कार से घर लौट रहे थे। इस बीच जैसे ही सलीम शाहदरा फ्लाईओवर से नीचे उतरे तो एक सफेद रंग की ब्रेजा कार ने इनकी गाड़ी को ओवरटेक कर रोक लिया। इसमें तीन लोग सवार थे। नीचे उतरते ही बदमाशों ने सलीम की पिटाई कर उनको जबरन कार से उतारकर अपनी कार की पिछली सीट पर बिठा लिया।
शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने उसकी पिटाई शुरू कर दी। सलीम से कहा गया गया कि वह क्राइम ब्रांच हैं। एक आरोपी ने सलीम की छाती पर पिस्टल लगाकर उसकी जेब में रखे 35 हजार रुपये निकाल लिए। सलीम से कहा गया कि वह आजकल वह बहुत उड़ रहा है। उससे पांच लाख की डिमांड की गई। रुपये न देने पर उसे बंद करने की धमकी दी गई। आरोप है कि इसके बाद पीड़ित को शाहदरा जिले के स्पेशल स्टाफ के दफ्तर ले जाया गया। वहां किसी अफसर से बातचीत करने के बाद उसे दोबारा कार में बिठा लिया गया।
सलीम ने शिकायत में बताया कि उससे कहा गया कि साहब ने उसे बंद करने के लिए कहा है। मेडिकल कराने की बात कर पीड़ित को जीटीबी अस्पताल की सर्विस लेन ले जाया गया। पीड़ित बुरी तरह डर गया। इसके बाद पीड़ित आरोपियों को अपने घर ले गया। वहां आरोपियों को 50 हजार रुपये दिए। इसके बाद करीब 70 हजार रुपये पीड़ित ने अपने दोस्त से गौरव उर्फ अन्ना नामक बदमाश की पत्नी के खाते में ट्रांसफर करवाए। बाद में पीड़ित को छोड़ दिया गया। जिला पुलिस उपायुक्त आर.सत्यसुंदरम को जब घटना का पता चला तो उन्होंने बयान लेकर पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तार करवाई। जांच के दौरान पता चला कि इस पूरी साजिश को छठी बटालियन में तैनात सिपाही अमित ने रचा था। वाहिद की कार का इस्तेमाल हुआ। वहीं गौरव भी इस वारदात में शामिल हुआ। पुलिस बाकी पुलिस कर्मियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।




