गाजियाबाद की बैंकों में लावारिस पड़े 275 करोड़, अब खोजकर वारिसों को रुपये बांटेगी आरबीआई

गाजियाबाद। गाजियाबाद जिले के बैंकों में वर्षों से 275 करोड़ रुपये की धनराशि विभिन्न कारणों से खातों में लावारिस पड़ी हुई है। यह लावारिस धनराशि खाताधारक की मृत्यु, भूलवश या अन्य कारणों से निष्क्रिय खातों में पड़ी हुई है। धनराशि के असली वारिसों की तलाश के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) एवं वित्तीय सेवाएं विभाग (डीएफएस) द्वारा आपकी पूंजी आपका अधिकार अभियान चलाया जा रहा है। जिसके अंतर्गत बैंकों द्वारा अनक्लेम्ड धनराशि जिन खातों में उनकी सूची के आधार पर वारिसों से संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है। कर्मचारियों को ग्राहकों के पते पर भी भेजा जा रहा है। दावों के निपटान के लिए शिविर भी लगाए जाएंगे। जिससे लावारिस धनराशि उनके असली उत्तराधिकारी तक पहुंचाई जा सके।
लीड बैंक मैनेजर बुद्धराम ने बताया कि जिले के विभिन्न बैंकों में कुल 6,25,944 निष्क्रिय खातों में 275 करोड़ रुपये की धनराशि लावारिस है। जो बैंकों में जमा राशि के साथ, म्युचुअल फंड, जनरल इंश्योरेंस, लाइफ इंश्योरेंस, पेंशन फंड आदि से संबंधित धनराशि है। इस धनराशि के असली वारिसों की तलाश की जा रही है। यदि ग्राहक द्वारा नामिनी बनाया हुआ था तो नामिनी को धनराशि का भुगतान किया जाएगा। नामिनी न होने की स्थिति में जिस तरह से डेथ क्लेम सेटलमेंट होता है उस तरह से फंड क्लेम सेटलमेंट किया जाएगा।
जिन लोगों को अंदेशा है कि उनके किसी संबंधी के खाते में अनक्लेम्ड राशि है वह उद्गम पोर्टल पर जानकारी ले सकते हैं। पोर्टल पर अपने मोबाइल नंबर से यूजर आइडी और पासवर्ड बनाना होगा। इसके बाद अपने परिवार की बुनियादी जानकारी दर्ज करके विभिन्न बैंकों में लावारिस धनराशि खोज सकते हैं। यदि कोई मिलान होता है, तो आवश्यक दस्तावेजों के साथ संबंधित बैंक की शाखा में जाकर धनराशि पर दावा कर सकते हैं।
विकास भवन के दुर्गावती सभागार में 21 नवंबर को दोपहर बाद तीन बजे तक अनक्लेम्ड राशि के दावों के निपटारे के लिए शिविर लगाया जा रहा है। जिसमें जिन लोगों की अनक्लेम्ड धनराशि पड़ी हुई है वह शिविर में जरूरी दस्तावेजों के साथ जाकर राशि क्लेम कर सकेंगे। जिन लोगों को अनक्लेम्ड राशि होने का अंदेशा है वह भी शिविर में जाकर जानकारी ले सकते हैं। बैंक सत्यापन के बाद राशि वारिसों के खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी या बैंक द्वारा भुगतान कर दिया जाएगा।

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