पुलिस और पीएसी जवान से प्रताड़ित जहर खाकर थाने पहुंचा शख्स

गोरखपुर/उत्तर प्रदेश। गोरखपुर के एक पुलिस थाने में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक युवक जहर खाकर वहां पहुंचा और पुलिस तथा पीएसी जवान पर प्रताड़ना और जमीन कब्जा करने के आरोप लगाए। यह सुनते ही वहां मौजूद पुलिसकर्मियों के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन में उसे बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
जानकारी के मुताबिक, रविवार की दोपहर में एक युवक गोरखनाथ थाने पहुंचा और जहर खाने की बात कहते हुए शाहपुर थाना अंतर्गत कौवाबाग चौकी इंचार्ज विवेक रंजन समेत सत्येंद्र सिंह नाम के पीएसी जवान पर आरोप लगाते हुए कहा कि दोनों मिलकर मुझे प्रताड़ित कर रहे हैं। मैं आजिज आ चुका हूं और मैंने अपनी जान देने के लिए जहर खा लिया है। यह सुनते ही वहां उपस्थित एसएचओ और अन्य पुलिसकर्मियों के कान खड़े हो गए। तत्काल उसे बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टर उसका इलाज कर रहे हैं। मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को होते ही मैजिस्ट्रेट समेत पुलिस के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने जितेंद्र को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है।
मिली जानकारी के मुताबिक देवरिया जिले के रहने वाले 45 साल के जितेंद्र बहादुर सिंह ने साल 2014 में अपनी पत्नी के नाम से बिछिया जंगल तुलसीराम में 2000 स्क्वायर फीट जमीन बैनामा कराई थी। इस दौरान उनके रिश्तेदार सत्येंद्र सिंह जो पीएससी में है, उन्होंने भी अपनी पत्नी के नाम पर 2000 वर्ग फुट जमीन रजिस्ट्री कराई थी। 2023 के दौरान सत्येंद्र सिंह जमीन पर निर्माण करा रहे थे। इसी बीच जितेंद्र बहादुर वहां पहुंचे और अपनी जमीन कब्जा करने का आरोप लगाते हुए काम रुकवा दिया और पुलिस को इसकी सूचना दे दी। बाद में पैमाईश के दौरान लेखपाल ने भी जितेंद्र बहादुर के पक्ष में जमीन रजिस्टर्ड होने की बात कही।
जितेंद्र ने इसकी शिकायत भू-राजस्व विभाग में भी की थी, जहां से राजस्व टीम भी मौके पर पहुंची लेकिन दोनों पक्षों के विवाद और आपसी सहमति न बन पाने की वजह से फैसला नहीं हो सका और टीम वापस लौट आई थी। जितेंद्र का कहना है कि तब से मैं लगातार पुलिस और सरकारी विभाग के चक्कर लगा रहा हूं, लेकिन मेरी सुनने वाला कोई नहीं। इस बीच कौवाबाग चौकी इंचार्ज और पीएसी जवान सत्येंद्र सिंह ने मुझे लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है और दबाव बनाया जा रहा है कि मैं अपनी उक्त जमीन छोड़ दूं। अंत में थक-हारकर मैंने जान देने का फैसला किया और जहर खा लिया।
मामले में एसएसपी गौरव ग्रोवर का कहना है कि जानकारी होने पर हम सभी उससे मिलने मेडिकल कॉलेज पहुंचे थे। जहां विभाग से जुड़े अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। पीड़ित को आश्वासन दिया गया है कि उसके साथ अन्याय नहीं होगा। जांच करा कर उचित न्याय दिलाया जाएगा। पीड़ित की तहरीर पर मामले की जांच की जा रही है, यदि पुलिस और आरोपी आरोपी सत्येंद्र आरोपी पीएसी जवान की भूमिका संदिग्ध है तो उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।

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