आईआईटी कानपुर में 79 की महिला ने लिया एडमिशन

कानपुर/उत्तर प्रदेश। यूपी के आईआईटी कानपुर में पद्मश्री डॉ. सरोज चूड़ामणि गोपाल ने 79 की उम्र में एडमिशन लिया हैं। डॉ. सरोज चूड़ामणी गोपाल बायो साइंस एंड बायोइंजीनियरिंग विभाग में एडमिशन लेकर पीएचडी कर करेंगी। उन्होंने 23 साल पहले इस शोध का सपना देखा था। इसके साथ ही आईआईटी ने उन्हें विशिष्ठ प्रफेसर के पद पर भी नियुक्त किया है। डॉ. चूड़ामणी गोपाल आईआईटी के बायोइंजीनियरिंग विभाग में रीढ़ की हड्डी में लगने वाली घातक चोट के पक्षाघात (लकवा) में बोन मैरो और स्टेम सेल से नई कोशिकाओं के निर्माण के शोध पर काम कर रही हैं।
डॉ. सरोज चूड़ामणी गोपाल किंग जार्ज मेडिकल युनिवर्सिटी कूलपति भी रह चुकी हैं। उन्होंने 23 साल की उम्र में एक बच्ची को मेनिंगोमाइलोसेले नामक घातक बीमारी से जूझते हुए देखा था। बच्ची को देखकर वो भावुक हो गईं थीं। डॉ. सरोज ने उस दौरान सोंचा था कि इस बच्ची को बचाया क्यों नहीं जा सकता है। इसी दौरान उन्होंने तंत्रिका तंत्र की निष्क्रियता नई कोशिकाओं की मदद से सक्रिय करने का सपना देखा था। लेकिन इस भागम-भाग भरी जिंदगी के बीच इन 56 सालों में कुछ नहीं कर सकीं। अब आईआईटी कानपुर में अपनी शोध करने जा रही हैं।
उम्र तो नंबर है
आईआईटी कानपुर में एडमिशन लेने को लेकर उनकी उम्र पर सवाल उठाए गए। उन्होंने कहा कि कुछ नया सीखने और करने में उम्र कभी बाधा नहीं बनती है। उम्र तो मात्र एक नंबर है, जिंदगी में यदि कुछ करने और पाने की ललक है तो दुनिया की कोई ताकत आप को नहीं रोक सकती है। डॉ. सरोज चूड़ामणी गोपाल ने बीते आठ जनवरी को आईआईटी के बायोसाइंस एंव बायोइंजीनियरिंग विभाग में पीएचडी के लिए प्रवेश लिया है।
डॉ. सरोज चूड़ामणी गोपाल का कहना है कि बॉडी में विद्युत ऊर्जा का प्रवाह होता है। तंत्रिका तंत्र इस ऊर्जा का प्रवाह करता है। कोशिकाओं के विकार की वजह से ऊर्जा प्रवाह रुकता है। शरीर का वो पार्ट काम करना बंद कर देता है। ऐसे हालातों में अगर नई कोशिकाओं की मदद से एक्टिव कर दिया जाए, तो शरीर का वो अंग दोबारा काम करना शुरू कर देगा।
केजीएमयू की कुलपति रहने के दौरान इस प्रोजेक्ट पर काम किया गया। गंभीर हादसों में रीढ़ की हड्डी पर चोट लगने से होने पक्षाघात (लकवा) के शिकार 30 लोगों पर बोनमैरो से कोशिका का निर्माण की दिशा में प्रयोग कर शोध किया गया। इसमें 15 फीसदी लोगों को इसका लाभ भी मिला। अब आईआईटी कानपुर में इस प्रोजेक्ट का विस्तार भी करना है।




