बरेली में पत्रकारों एवं पुलिस संरक्षण में चल रहे हनी ट्रैप गिरोह का भंडाफोड़,तीन पत्रकारों, चौकी इंचार्ज-सिपाही,समेत 6 पर दर्ज हुआ केस

बरेली/उत्तर प्रदेश। बरेली शहर में पुलिस संरक्षण में चल रहे एक हनी ट्रैप गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। अपने जाल में फंसाने वाली युवती, किला पुलिस चौकी प्रभारी, एक आरक्षी और तीन कथित पत्रकारों पर रविवार देर रात रिपोर्ट थाना किला में दर्ज कराई गई है। बरेली जिले में धौरा टांडा निवासी कथित पत्रकार नावेद, लीची बाग निवासी चांद अल्वी और सीबीगंज निवासी गुलाम साबिर आजाद ने औद्योगिक क्षेत्र परसाखेड़ा में ब्रेकरी चलने वाले रामपुर जिला शहजाद नगर निवासी एक उद्यमी को फंसाया था। हालांकि वो उन्हें चकमा देकर अफसर तक पहुंच गया। एसएसपी ने आरोपियों पर रविवार देर रात मुकदमा दर्ज करा दिया। साथ ही रैकेट में शामिल उप निरीक्षक पुलिस चौकी प्रभारी और एक आरक्षी को निलंबित कर दिया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक घुले सुशील चंद्रभान ने बताया कि उप निरीक्षक किला पुलिस चौकी प्रभारी सौरभ कुमार, सिपाही कोलेंद्र सिंह थाना किला ने हनीट्रेप के मामले में पीड़ित की सहायता करने के बजाए अवैध रूप से की जाने वाली वसूली में शामिल हो गए। उन्होंने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर थाना किला में नावेद, आजाद, चांद अल्वी, सानिया, उप निरीक्षक सौरभ कुमार और आरक्षी कोलेंद्र मामला दर्ज किया गया है। रैकेट में शामिल दो पुलिस कर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विभागीय जांच कराई जाएगी।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि नावेद, आजाद और चांद अलवी ने एक लड़की से मिलवाने के नाम पर दो हजार रुपये लिए। बाद में होटल के सामने ही पकड़कर कांस्टेबल कौशलेंद्र को बुला लिया। आरोपितों ने समझौते के नाम पर सात लाख रुपये की मांग की थी। मूलरूप से रामपुर निवासी मुस्तकीम ने पुलिस को बताया कि वह परसाखेड़ा में उनकी ब्रेकरी हैं। शनिवार रात उनकी बेकरी पर इसमें खुद को पत्रकार बताने वाले तीन लोग नावेद, आजाद व चांद अलवी आए। इन्होंने एक लड़की से मिलवाने की बात कहकर दो हजार रुपये ले गए।
मुस्तकीम का आरोप है कि कुछ देर बाद उनके पास एक युवती का फोन आया। युवती ने खुद का नाम सानिया बताया। फिर बोली, कि वह मिनी बाइपास स्थित अशोका होटल पर आ जाएं। मुस्तकीम अशोका होटल पर पहुंचे। वहां पर एक कमरे में थोड़ी देर बातचीत हुई और सानिया वहां से बहाना बना कर बाहर निकल गई। इसके बाद वह भी होटल से बाहर निकले तो सामने ही नावेद, आजाद और चांद अल्वी ने उन्हें हनी ट्रैप में फंसाते हुए किला थाने के सिपाही कोलेंद्र को बुला लिया। कोलेंद्र उन्हें किला चौकी लेकर गया, उनके साथ तीनों आरोपित भी थे।
2.5 लाख रुपये में तय हुई थी बात
वहां पर सानिया पहले से ही बैठी थी। आरोप है, आरोपितों ने किला चौकी इंचार्ज सौरभ से कहा कि हमारे जाल में मुस्तकीम फंस गया है। आरोपितों ने उन्हें छोड़ने के एवज में पहले सात लाख रुपये मांगे। फिर 2.5 लाख में बात तय हुई। रुपये लेने के लिए आरोपित उन्हें बेकरी पर अपने साथ लेकर गए। वहां पर मुस्तकीम ने उनसे बचकर पुलिस के वरिष्ठ अफसर को फोन कर दिया। इसके बाद वह फिर से वह किला चौकी पहुंचे। वहां से भागकर वह घर गए और पत्नी को साथ में लेकर किला थाने गए। वहां पर पुलिस ने नावेद, चांद अलवी, सानिया, आरक्षी कोलेंद्र और उप निरीक्षक पुलिस चौकी प्रभारी सौरभ पर प्राथमिकी लिखाई है।

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