कानपुर में 10 हजार की रंगेहाथ रिश्वत लेते धरा गया नगर निगम का बाबू! विजिलेंस टीम ने दबोचा
A municipal clerk was caught red handed taking a bribe of 10 thousand rupees in Kanpur! Vigilance team caught him

कानपुर/उत्तर प्रदेश। यूपी के कानपुर से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। शनिवार सुबह विजलेंस की टीम ने नगर-निगम में बाबू को 10 हजार की रिश्वत ले ते हुए रंगे हाथ दबोच लिया। विजलेंस की टीम मुख्यगेट से सीधे अपर नगर आयुक्त के कार्यालय पहुंची। अपर नगर आयुक्त के ऑफिस में तैनात बाबू राजेश यादव को पकड़ कर अपने साथ ले गई। राजेश यादव अपर नगर आयुक्त प्रथम के पीए बताए जा रहे हैं।
राजेश यादव ने पीड़ित से वित्तिय स्त्रोतमैन एसीपी निकलवाने के नाम पर 30 हजार रुपए रिश्वत की मांग की थी। जिसमें से 20 हजार रुपए बाबू ने पहले ही ले लिए थे। शनिवार को राजेश ने पीड़ित से दस हजार रुपए मंगाए थे। वहीं नगर आयुक्त सुधीर कुमार का कहना है कि राजेश यादव विज्ञापन और कार्मिक का काम देख रहा था।
नगर निगम के जोन-2 में मो असलम संविदा चालक के पद पर कार्यरत है। असलम के पिता मो इश्तियाक नगर निगम से बेलदार के पद से रिटायर हैं। मो असलम ने बताया कि अपर नगर आयुक्त के कार्यालय में राजेश यादव विज्ञापन और कार्मिक का भी काम संभालता है। पिता मो इश्तियाक की एसीपी निकलवाने के नाम पर 30 हजार रुपए रिश्वत मांग रहा था।
मो असलम ने बताया कि राजेश को 20 हजार रुपए पहले दे चुका था। उसने दस हजार रुपए लेकर शुक्रवार को बुलाया था। लेकिन अचानक राजेश यादव की तबीयत खराब हो गई। इस लिए उसने रुपए लेकर आने के लिए मना कर दिया था। राजेश बीते साढ़े तीन साल से परेशान कर रहा था। इस लिए उसकी शिकायत विजलेंस से की थी।
शनिवार को विजलेंस की टीम नगर निगम कार्यालय पहुंची। जिसकी भनक किसी को नहीं थी। राजेश यादव ने जैसे ही दस रुपए की नोटो की गड्डी पकड़ी, उसे विजलेंस की टीम ने रंगे हाथों दबोच लिया। टीम राजेश यादव को मुख्यालय से घसीटते हुए ले गई।




