अयोध्या के राम मंदिर में शुरू हो गया फर्जी आरती पास का ‘खेल’

अयोध्‍या/उत्तर प्रदेश। अयोध्या में रामजन्मभूमि मंदिर में दर्शन के लिए ऑनलाइन फर्जी आरती पास जारी होने की घटनाओं पर मंदिर ट्रस्ट कार्यालय के प्रभारी प्रकाश गुप्ता का कहना है कि इससे मंदिर ट्रस्ट की बदनामी हो रही है। साथ ही ट्रस्ट कार्यालय के लिए भी मशक्कत बढ़ गई है। फर्जी पास की शिकायत पर उनकी जांच करवानी पड़ती है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन 25 पास स्लॉट में बनने की व्‍यवस्‍था को समाप्‍त कर देना चाहिए। उन्होंने बताया कि दोबारा बुधवार को ऑनलाइन टेंपर्ड पास का केस चेकिंग में पकड़ा गया था। ऑनलाइन फर्जी पास क्षितिज टंडन, अमन गांधी व दीपक भास्कर को जारी किया था।बताते हैं कि इसके लिए 2700 रुपये की वसूली भी की गई थी। बहरहाल पुलिस ने फर्जी पास जारी करने वाले शख्स के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई की है। उन्होंने बताया कि मंदिर ट्रस्ट कार्यालय से जो पास जारी होते हैं उनको लेकर कोई शिकायत अभी तक नहीं आई है। मंदिर ट्रस्ट फ्री पास जारी करता है। इसके साथ ही ऑनलाइन के अलावा किसी को भी कोई दर्शन पास जारी करने का अधिकार नहीं है। मंदिर ट्रस्‍ट से जो ऑनलाइन पास जारी होते हैं वे भी फ्री ही हैं, लेकिन फर्जीवाड़ा चलाने वाले बाहर के लोगों से दर्शन के नाम पर हजार रुपये तक वसूल लेते हैं।
कड़ी हुई पास चेकिंग की व्यवस्था
राम मंदिर के दर्शन के फर्जी पास पकडे जाने पर पुलिस कार्रवाई के बाद अब मंदिर ट्रस्‍ट पास जारी करने में विशेष सतर्कता बरत रहा है। दर्शन के प्रवेश मार्ग पर पास वाले ट्रैक पर पुलिस के अलावा मंदिर ट्रस्‍ट के सुरक्षा गार्ड भी दर्शनार्थियों के पास की चेकिंग कर रहे है। मंदिर ट्रस्‍ट कार्यालय के प्रभारी और दर्शन पास जारी करने के लिए अधिकृत प्रकाश गुप्‍ता ने बताया कि मंदिर ट्रस्‍ट कार्यालय रोजाना तीनों आरती के लिए 125-125 पास जारी कर रहा है।
आरती पास सुबह 4 बजे की आरती 5 बजे सुब‍ह की भोग आरती व रात्रि की शयन आरती के लिए जारी किए जा रहे है। इसके अलावा 6 स्लॉट में सुलभ पास भी प्रत्येक स्लॉट के लिए 125 की संख्‍या में जारी किए जा रहे हैं। गुप्‍ता ने बताया कि इस तरह से मंदिर ट्रस्‍ट के अनुमोदन पर रोजाना तीन आरती के स्लॉट पर 375 पास जारी किए जा रहे हैं। वही 6 स्लॉट के लिए रोजाना 750 सुलभ पास जारी किए जा रहे हैं।
मंदिर परिसर में सुरक्षा के मद्देनजर मोबाइल को ले जाने पर कड़ाई से प्रतिबंध लगाया गया है। केवल सुरक्षाकर्मी व मंदिर के कार्य में लगे कर्मचारियों व प्रतिनिधियों को मोबाइल ले जाने की छूट दी गई है। हालांकि उन्हें सख्त हिदायत दी गई है कि इसका दुरुपयोग फोटो आदि खींचने में नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पासधारक श्रद्धालुओं का प्रवेश दर्शन मार्ग पर ट्रैक नं 1 से हो रहा है।

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