फतेहपुर डबल मर्डर केस में दो युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर किया खुलासा

फतेहपुर/उत्तर प्रदेश। फतेहपुर जिले में बकेवर थाना क्षेत्र के रूसी गांव में घर के अंदर मां-बेटे की नृशंस हत्याकांड मामले में पड़ोस के दो युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर खुलासा किया है। आरोपियों के पास से आलाकत्ल दीवार की उखड़ी ईंट, खून लगे कपड़े व चप्पल, घटना में प्रयुक्त मोबाइल बरामद किया है। हत्यारोपियों का मकसद दिवंगत का ई-रिक्शा चोरी कर उसका व्यवसाय खत्म करना था। जागने पर दोनों ने पहले महिला और फिर उसके बेटे की हत्या कर भाग निकले थे।
पुलिस लाइन में एसपी उदय शंकर सिंह ने बताया कि रूसी गांव निवासी माया देवी व उसके बेटे सत्यम अवस्थी की 28 जून की रात घर के अंदर घुसकर हत्या कर दी गई थी। माया के छोटे बेटे शिवम अवस्थी की तहरीर पर गांव के रवि कश्यप और एक अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस की जांच में रवि की लोकेशन गुजरात में मिली। पुलिस ने बैठका मोड़ से सोमवार रात करीब दो बजे माया के आंगन से जुड़े घर में रहने वाले पंकज पटेल और पड़ोसी शिवम कुमार को गिरफ्तार किया।
पंकज, शिवम और सत्यम अवस्थी दोस्त थे। तीनों ई-रिक्शा चलाते थे। सत्यम अक्सर कम रुपयों में बुकिंग व सवारियों को ले जाता था। इसे लेकर पंकज व शिवम में नाराजगी थी। दोनों ने देवमई गांव के युवक से 35 हजार में रिक्शा के सौदा 27 जून को तय किया। योजना के तहत 28 जून की शाम शिवम अपने रिक्शे से सत्यम और गांव के रामखेलावन को देवमई बीयर पिलाने ले गया था। पंकज गांव में ही रुका था। करीब रात साढ़े नौ बजे लौटने पर सत्यम दरवाजे पर सोया था।
चाबी खोजने के दौरान माया की नींद खुल गई
उसकी मां माया दरवाजे को अंदर से बंद कर सो रही थी। रामखेलावन अपने घर चला गया। करीब रात ढाई बजे ई-रिक्शा चुराने के लिए उसकी चाबी लेने पंकज और शिवम आंगन की दीवार फांदकर सत्यम के घर पहुंचे। चाबी खोजने के दौरान माया की नींद खुल गई। उसने आरोपियों को पहचान लिया। शोर मचाने पर पंकज ने माया का मुंह दबा दिया और शिवम ने मौरंग, सीमेंट लगी ईंट से माया देवी की कूंचकर हत्या कर दी।
खुलासा करने वाली पुलिस टीम को 15 हजार इनाम
आहट होने पर सत्यम दरवाजा पीटने लगा और मां से पुलिस बुलाने को मोबाइल मांगने लगा। दोनों आरोपी दरवाजे की कुंडी खोलकर छिप गए। घर के अंदर आते ही सत्यम को दबोचकर आंगन के किनारे नहाने की जगह पर खींच ले गए। पंकज ने सत्यम का गला दबाया और शिवम ने ईंट से कूंचकर हत्या कर दी। गमछे से दोनों के शव खींचकर कमरे के अंदर ले गए और दरवाजा बंद कर आंगन की दीवार फांदकर घर चले गए। खून लगे कपड़े, चप्पल घरों में छिपा दी। एसपी ने खुलासा करने वाली पुलिस टीम को 15 हजार इनाम दिया है।
कुबूलनामे के बाद भी 24 घंटे पुलिस को उलझाए रहे
गिरफ्त में आने के बाद पंकज और शिवम पुलिस को 24 घंटे तक उलझाए रहे। दोनों मर्डर सीन पर अपनी मौजूदगी बताते, लेकिन कत्ल करने वालों में अलग-अलग लोगों के नाम कबूलते रहे। पुलिस को छकाने में पंकज ने कोई कसर नहीं छोड़ी। उसने घटना की रात सत्यम से मिलने आए बाइक सवारों का वीडियो दिखाकर पुलिस को भ्रमित किया।
एसपी समेत अन्य अधिकारियों को घटना में खुलासे के लिए पंकज का सहयोग मिलने की उम्मीद जागी थी। वीडियो का मामला साफ होने के बाद घटना की शाम बीयर पीने गए रामखेलावन को फंसाने का प्रयास किया। घटना के बाद सुबह सबसे पहले घर पहुंचे सलीम और वादी शिवम के शामिल होने की बात बताई। पुलिस सभी को बारी-बारी तलाशने और पूछताछ में वक्त बर्बाद करती रही। खुलासे में सर्किल व दूसरे सर्किल के थानेदार 50 पुलिसकर्मियों की टीम लगी रही।
हत्या के दौरान पंकज के हाथ में खरोंच लगी थी। पुलिस ने खरोंच के बारे में पूछा तो पंकज ने पत्नी की चूड़ी से लगी चोट बताया। पुलिस ने उसकी पत्नी की तलाश की। वह पहले ही पत्नी को मायके कानपुर सठगिवां भेज चुका था। पुलिस पत्नी को लेकर आई। मारपीट में चूड़ियां टूटने की बात साफ करने के लिए महिला के हाथ चेक किए। महिला के हाथ में कोई चोट नहीं थी। पंकज की यह बात भी झूठी निकली।




