फायर बॉल बनाने वाली फैक्ट्री में जबरदस्त धमाके के बाद लगी भीषण आग, गार्ड समेत चार की मौत, 13 अन्य घायल

गुरुग्राम। दौलताबाद औद्योगिक क्षेत्र में संचालित फायर एंड पर्सनल सेफ्टी एंटरप्राइजेज के प्लांट में शुक्रवार देर रात आग लग गई। इससे प्लांट में एक बार जबर्दस्त धमाका हुआ। इसके बाद लगभग एक घंटे तक भी लगातार धमाके होते रहे। धमाके का असर लगभग दो किलोमीटर के दायरे में हुआ। 500 मीटर से अधिक दूरी तक प्लांट की छत के एंगल टूटकर गिरे। 12 से अधिक फायर बिग्रेड की गाड़ियों ने आग पर पूरी तरह काबू पाया। हादसे में कंपनी के एक गार्ड सहित चार की मौत हो गई जबकि आसपास फैक्ट्रियों में सो रहे 13 श्रमिक घायल हो गए।
मृतकों की पहचान लक्ष्मण विहार में रह रहे 28 वर्षीय कौशिक, लक्ष्मण विहार में ही रह रहे मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले के गांव गाेविंदपुर निवासी 26 वर्षीय अरुण, इटावा जिले के गांव मोडी निवासी 23 वर्षीय प्रशांत एवं दिल्ली किे करोलबाग में रह रहे गार्ड 59 वर्षीय राम अवध के रूप में की गई। इनमें से कौशिक, प्रशांत एवं राम अवध फायर एंड पर्सनल सेफ्टी एंटरप्राइजेज में काम करते थे जबकि अरुण टेक्नोक्रेट प्रोडक्टिविटी साल्यूशंस नामक कंपनी में काम करते थे। बताया जाता है कि मलबे में कुछ और श्रमिकों के दबे होने की आशंका है।
एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ का ऑपरेशन शनिवार शाम तक जारी था। 13 में से 11 घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। कंपनी संचालक संदीप कुमार से पूछताछ करने के बाद उनके विरुद्ध गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया।
फायर एंड पर्सनल सेफ्टी एंटरप्राइजेज नामक कंपनी घरों, कार्यालयों से लेकर ऊंची-ऊंची इमारताें में आकस्मिक आग से बचाव के लिए फायर बॉल सहित कई प्रकार के सुरक्षा उपकरण बनाती है। कंपनी लंबे समय से दिल्ली के द्वारका इलाके में काम करती है। द्वारका में दो प्लांट बताए जाते हैं। कुछ महीने पहले ही दौलताबाद औद्योगिक क्षेत्र में प्लांट लगाया गया था।
जबर्दस्त धमाका के बाद लगी भीषण आग
बताया जाता है कि प्लांट में शुक्रवार रात कंटेनर से कुछ सामान (संभवत विस्फोटक) लाया गया था। उस समय प्लांट में वेल्डिंग का काम चल रहा था। उसी समय अचानक आग लग गई। इससे प्लांट में जबर्दस्त धमाका हुआ। कुछ ही देर में भीषण आग लग गई। इसके बाद प्लांट में तैयार सभी फायर बाल फटने लगे। धमाके से प्लांट की छत ही नहीं बल्कि पूरी दीवार ध्वस्त हो गई।
लगभग दो किलोमीटर के दायरे में लोगों ने तेज भूकंप जैसा अनुभव किया। आसपास संचालित 20 से अधिक फैक्ट्रियों को भी नुकसान हुआ है। नजदीक एक फैक्ट्री 90 प्रतिशत से अधिक ध्वस्त हो गई। अधिकतर फैक्ट्रियों के शीशे टूट गए। दीवारों को नुकसान हुआ है। छत के एंगल टूटकर गिए गए हैं। बताया जाता है कि फायर बाल के फटने से आग का दायरा नहीं बढ़ा अन्यथा आसपास की सभी फैक्ट्रियां जलकर खाक हो जातीं।
रिहायशी इलाकों के नजदीक चल रही थी फैक्ट्री
दौलताबाद औद्योगिक क्षेत्र रिहायशी इलाकों के बीच है। रिहायशी इलाकों के नजदीक फायर बाल बनाने वाली फैक्ट्री चल रही थी। हादसे के बाद मौके पर गुरुग्राम पुलिस ने भी अपने स्तर पर छानबीन शुरू कर दी है। मौके पर पहुंचे इलाके के पुलिस उपायुक्त करण गोयल, सहायक पुलिस आयुक्त वरुण दहिया एवं सहायक पुलिस आयुक्त शिवा अर्चन शर्मा ने कहा कि छानबीन से पता चलेगा कि आखिर इतना जबर्दस्त धमाका कैसे हुआ। घटनास्थल का निरीक्षण एफएसएल तथा बम डिस्पोजल टीम ने भी किया है।
इधर, गुरुग्राम पुलिस का कहना है कि कंपनी को पहले भी विस्फोटक पदार्थ इकट्ठा नहीं रखने को कहा गया था। इसके बाद भी ऐसा किया गया। कंपनी की लापरवाही से हादसा हुआ है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने जांच के लिए उच्चस्तरीय कमेटी का गठन कर दिया गया है। रिपोर्ट से साफ होगा कि आखिर किस तरह के विस्फोटक का इस्तेमाल फायर बाल में किया जा रहा था।

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