लक्ष्मी नगर के इंश्योरेंस ऑफिस में पुलिस बनकर दिया लूट को अंजाम, 8 आरोपी हुए गिरफ्तार
Robbery was carried out in Laxmi Nagar insurance office by posing as police, 8 accused arrested

नई दिल्ली। लक्ष्मी नगर स्थित इंश्योरेंस कंपनी के ऑफिस में पुलिस वाले बता कर लूट की गई। फोन और लैपटॉप लूटने के बाद ऑफिस चला रहे शख्स को कार में बंधक बनाया। डेढ़ लाख रुपये ऐंठ लिए, जिनमें से 70 हजार ट्रांसफर करवाए। पुलिस ने 24 घंटे के अंदर उस्मानपुर के गौतम विहार निवासी हन्नी कुमार (31), रोहिणी के सन्नी शर्मा, कराला के अंकित जैन (32), राहुल यादव उर्फ बादाम (27), रामा विहार के अनिल कांत (33), जीत पाल (42), पीतमपुरा के विक्रम सिंह (35) और करावल नगर के राहुल गुप्ता (27) को अरेस्ट किया। इनसे दो कार, लूटे लैपटॉप, तीन फोन और दस हजार कैश रिकवर किए। खाते में 45 हजार फ्रीज करवाए गए।
डीसीपी (ईस्ट) अभिषेक धानिया ने बताया कि सलमान (31) परिवार समेत शास्त्री पार्क इलाके में रहते हैं। वह लक्ष्मी नगर में इंश्योरेंस पॉलिसी का ऑफिस चलाते हैं। इनके ऑफिस में 26 जून को चार युवक खुद को पुलिस के स्पेशल स्टाफ से बताते हुए जबरन घुस गए। फोन और लैपटॉप लूट लिए। इसके बाद सलमान को जबरन उठाकर एक कार में बिठा लिया, जहां उनकी पिटाई की गई। फर्जी इंश्योरेंस केस में फंसाने की धमकी देकर डेढ़ लाख रुपये जबरन वसूल लिए, जिनमें से 70 हजार रुपये एक खाते में ट्रांसफर करवाए। लक्ष्मी नगर थाने में 28 जून को मुकदमा दर्ज किया गया।
एसीपी पवन कुमार की देखरेख में बनी इंस्पेक्टर जितेंद्र मलिक की स्पेशल स्टाफ की टीम ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों को खंगाला। इसके जरिए पुलिस ने 28 जून की शाम को ही वारदात में इस्तेमाल एक कार में सवार पांच आरोपियों को नोएडा लिंक रोड से दबोच लिया। इनकी निशानदेही पर तीन अन्य आरोपियों को भी अलग-अलग एरिया से पकड़ लिया गया। इनसे बरामदगी भी कर ली गई। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी हन्नी कुमार पूर्व कर्मचारी था, जिसने दो हफ्ते पहले ही नौकरी छोड़ी थी। इसने सन्नी शर्मा को जानकारी दी, जिसने बाकी को लूट के लिए तैयार किया।
आरोपी सन्नी शर्मा पर गाजियाबाद जिले में एक साइबर क्राइम का केस दर्ज है, जबकि अंकित पर पहले से दो मुकदमे हैं। ईस्ट जिला पुलिस ने पब्लिक से अपील की है कि कोई शख्स अगर खुद को पुलिस ऑफिसर बताता है तो उसकी पहचान को वेरिफाई करें। कानूनी कार्रवाई करने की धमकी देकर गैरकानूनी मांग या धमकी के दबाव में ना आएं। संदिग्ध लगने पर हेल्पलाइन नंबर 112 पर कॉल करें या अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन से संपर्क करें।




