वेस्ट दिल्ली में बिजनेसमैन से 50 लाख रंगदारी मांगने वाला गिरफ्तार

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में भाजपा नेता सुरेंद्र मटियाला की रात में उन्हीं के ऑफिस में कई राउंड गोलियां मारकर सनसनीखेज हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया था। उस मामले में एक नाबालिक शूटर को भी पुलिस ने पकड़ा था। जिसने आधा दर्जन से ज्यादा गोलियां चलाई थी। लेकिन बाद में वह पिछले साल बेल पर बाहर आ गया। बाहर आते ही उसने फिर से इंटरनेशनल गैंगस्टर काला जठेड़ी, नंदू और नरेश शेट्टी गैंग से संपर्क किया। डाबड़ी इलाके में फिर से एक लोकल गैंग तैयार कर लिया और दिल्ली के बिजनेसमैन की डिटेल विदेश भेजने लगा। विदेश से फोन करवाकर एक्सटॉर्शन की शुरुआत दिल्ली के बिजनेसमैन से कर दी।
50 लाख की रंगदारी मांगने की की गई थी कोशिश
पिछले महीने वेस्ट दिल्ली के एक बड़े कपड़ा व्यवसाय से 50 लाख की रंगदारी मांगने की कोशिश की गई। वहां पर गोली चलाकर डरने का प्रयास किया गया, लेकिन एन वक्त पर मिसफायर हो गया। उस मामले की छानबीन स्थानीय पुलिस कर रही थी। द्वारका में भी इसी तरह की प्लानिंग की गई थी। इस मामले में द्वारका जिला के स्पेशल स्टाफ/एएटीएस की ज्वाइंट टीम ने शातिर शूटर विवेक दहिया ( अब बालिग हो गया है ) को और उसके दो साथियों को हथियार के साथ धर दबोचा है। इसके ऊपर पहले से हत्या और एक्सटॉर्शन के आधा दर्जन मामले चल रहे हैं। पुलिस टीम ने तीन सोफिस्टिकेटेड कंट्री मेड पिस्टल और 5 जिंदा कारतूस भी बरामद किया है।
डीसीपी द्वारका अंकित सिंह ने जानकारी देते हुए बताया की इंस्पेक्टर कमलेश कुमार की देखरेख में सब इंस्पेक्टर दिनेश कुमार, राकेश कुमार, सहायक सब इंस्पेक्टर विजय सिंह और हेड कांस्टेबल मनोज की टीम ने इस शूटर सहित तीन बदमाशों को दबोचने में कामयाबी पाई है। पुलिस टीम के द्वारा गिरफ्तार आरोपियों में से दो सुगम शुक्ला और अजय सगे भाई हैं। पहले से मर्डर आर्म्स एक्ट के मामले में शामिल हैं।पुलिस के अनुसार शूटर विवेक दहिया उर्फ विक्की मूलतः हरियाणा के सोनीपत का रहने वाला है। बाकी उसके दोनों सहयोगी अजय और सुगम महावीर एनक्लेव दिल्ली के रहने वाले हैं। इनके बारे में पुलिस टीम को एक इनफार्मेशन मिली और उसी के आधार पर छानबीन करती हुई पुलिस टीम इस शूटर और उसके सहयोगियों तक पहुंच पाई। शूटर विवेक दहिया को पुलिस ने हरियाणा के बहादुरगढ़ से दबोचा है।
नंदू गैंग के इशारे पर हुई हत्या
भाजपा नेता सुरेंद्र मटियाला की हत्या नंदू गैंग के इशारे पर किया गया था। पुलिस को पूछताछ में पता चला कि विक्की और अजय की मुलाकात ऑब्जर्वेशन होम में हुई थी और बाद में वहीं से इन्होंने बाहर निकलकर गैंग बनाने का प्लान बनाया। गैंगस्टर नरेश शेट्टी का भतीजा अक्षय से इनका बाहर निकलने पर संपर्क हुआ और उसने उसे गाइड किया। लोकल बिजनेसमैन से रंगदारी वसूलने के लिए।होटल में बुलाकर अजय और उसके भाई को हथियार विक्की ने उपलब्ध कराया। जब सिग्नल एप के जरिए इंस्ट्रक्शन मिला तो दोनों भाई राजौरी गार्डन के गुलाटी हैंडलूम पर पहुंचकर 50 लाख की रंगदारी नरेश शेट्टी के नाम पर मांगी। वहां पर गोली चलाने की कोशिश की। जिसकी एफआईआर राजौरी गार्डन थाना में दर्ज की गई थी। उस समय से राजौरी गार्डन थाना की पुलिस को इन दोनों भाइयों की तलाश थी। अजय दिल्ली के साउथ केंपस इलाके में हुई हत्या के मामले में भी शामिल है। इन तीनों की गिरफ्तारी से पुलिस ने बिंदापुर, डाबड़ी के साथ-साथ राजौरी गार्डन थाना के मामलों का खुलासा कर लिया है। आगे की कार्रवाई और की जा रही है।




