लाखों की सैलरी पाने वाले युवक और युवती ने रचाई अनूठी शादी
A young man and woman earning a salary of lakhs had a unique marriage

खंडवा/मध्य प्रदेश। के खंडवा के एक युवक ने एक अनूठी शादी रचाई है। इस शादी में न बैंड था, न बाजा था और न ही बाराती थे। शादी करने वाले युवक और युवती दोनों इंदौर में एक मल्टीनेशनल कंपनी में जॉब करते हैं। दोनों ने खंडवा कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपनी शादी रचाई है। उनका कहना है कि उन्होंने शादी में फिजूलखर्ची को रोकने के लिए अनूठी सीख समाज को दी है।
दरअसल, खंडवा कलेक्ट्रेट में एक ऐसी शादी हुई जिसे देखने के लिए कलेक्ट्रेट के सभी कर्मचारी उमड़ पड़े थे। इंदौर में एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करने वाला युवक हिमांशु और युवती दीक्षा लाखों की सैलरी उठाते हैं। दोनों ने फिजूलखर्ची को बचाने के उद्देश्य से सोमवार दोपहर खंडवा कलेक्ट्रेट में एडीएम कोर्ट में शादी रचाई। इस मौके पर दूल्हा और दुल्हन दोनों के परिवार वाले मौजूद थे। दोनों ने एक दूसरे को माला पहनाकर एडीएम काशीराम बडोले के सामने शपथ पत्र पर हस्ताक्षर किया।
बताया जा रहा है दूल्हा और दुल्हन दोनों एक ही कंपनी में पिछले से 4 सालों से साथ में काम कर रहे हैं। दोनों की विचारधारा भी एक ही है। दीक्षा के अनुसार इंदौर जैसे बड़े शहर में हर रोज बैंड बाजा बारात के कारण सड़कों पर लगने वाली भीड़, उसमें शामिल होने वाले मेहमानों की मेहमान नवाजी में बेटी का बाप कर्ज के बोझ तले झुक जाता है। इन्हीं सब परेशानियों को याद करके दीक्षा ने मन ही मन यह ठान लिया था कि वह ऐसे व्यक्ति के साथ शादी करेगी जो समाज के इन रूढ़िवादी विचारों को खत्म करने में और उसकी भावनाओं का समर्थन करेगा। दोनों ने विवाह के साथ-साथ जो अन्य प्राचीन रूढ़िवादी परंपराएं हैं, उनमें फिजूलखर्ची है उसको बंद करने के लिए आम जनता से अपील की है। उनका कहना है कि परंपराओं के नाम पर बेवजह कई दुल्हनों के पिता कर्ज तले अपना जीवन जी रहे हैं। लिहाजा ऐसी परंपराएं समाज से खत्म करनी होंगी।




