भगोड़े अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम की बिक गई पुश्तैनी जमीन, चार नाकाम कोशिश के बाद मिला खरीदार

मुंबई/एजेंसी। 1993 मुंबई सीरियल बम ब्लास्ट के मास्टरमाइंड और भगोड़े अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम की चार पुस्तैनी जमीन को आखिरकार केंद्र सरकार ने नीलाम कर दिया है। मुंबई के एक बिडर (खरीदार) द्वारा सबसे ऊंची बोली लगाए जाने के बाद जमीन का सौदा हो गया है। दाऊद इब्राहिम से जुड़े ये चारों प्लॉट रत्नागिरी जिले के मुंबाके गांव में हैं। इसे दाऊद इब्राहिम का पुश्तैनी गांव माना जाता है। अधिकारियों के मुताबिक इनमें से कई प्लॉट पहले उसकी मां अमीना बी के नाम पर रजिस्टर्ड थे। सरकार ने यह नीलामी ‘स्मगलर्स एंड फॉरेन एक्सचेंज मैनिपुलेटर्स (प्रॉपर्टी जब्ती) एक्ट’ (SAFEMA) के तहत की। सरकार की तरफ से दाऊद इब्राहिम की पुस्तैनी जमीन को नीलाम करने की पहली कोशिश 2017 में की गई थी। चार नाकाम कोशिशों के बाद 5 मार्च को भगाेड़े मोस्ट वांटेड डॉन की जमीन नीलाम हो गई।
खरीदारों की पहचान उजागर नहीं
सरकार ने सुरक्षा कारणों से मुंबई के खरीदार की पहचान को उजागर नहीं किया। नीलामी के बाद बताया जा रहा है कि मुंबई के एक व्यक्ति ने जमीन के एक टुकड़े सर्वे नंबर 442 (भाग 13-B) लिए सबसे ऊंची बोली लगाई और उसे 10 लाख रुपये से ज्यादा में खरीद लिया। इसकी रिजर्व कीमत 9.41 लाख रुपये थी। इस प्लॉट के लिए दो लोगों ने बोली लगाई, एक मुंबई से और दूसरा रत्नागिरी से था। बाकी तीन प्रॉपर्टीज, सर्वे नंबर 533, 453 और 617 के लिए सिर्फ एक ही बोली लगाने वाला सामने आया। उसने नीलामी की सभी तय शर्तें पूरी कीं और उन्हें सफलतापूर्वक खरीद लिया। इन जमीन के टुकड़ों की रिजर्व कीमतें क्रमश 2.33 लाख रुपये, 8.08 लाख रुपये और 15,440 रुपये थीं। दाऊद इब्राहिम 1993 मुंबई धमाकों में वांटेड है।
अप्रैल में हैंडओवर होगी जमीन
ये चारों जमीन के टुकड़े मुंबई के बोली लगाने वाले को ही मिले हैं। नियमों के अनुसार, बोली लगाने वाले को अप्रैल 2026 की शुरुआत तक पेमेंट पूरा करना होगा। यह लेन-देन सक्षम अधिकारी की अंतिम मंजूरी के अधीन होगा। एक बार मंजूरी मिलने के बाद जब्ती और निपटान की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। ये चार जमीन के टुकड़े कासकर परिवार की पुश्तैनी जमीन का हिस्सा थे, जिन्हें 1990 के दशक में जब्त कर लिया गया था और बाद में SAFEMA के तहत केंद्र सरकार को सौंप दिया गया था। इस जमीन को बेचने के लिए 2017, 2020, 2024 और 2025 में नीलामी रखी गई थी, लेकिन बोली लगाने वालों की भागीदारी की कमी के कारण कोई नतीजा नहीं निकला था। सरकार ने ताजा नीलामी में उसकी कुल चार संपत्तियों को बेचा है। दाऊद इब्राहिम कासकर डी-कंपनी का सरगना है। वह लंबे वक्त से पाकिस्तान में छिपा हुआ है। उसके कराची में होने की पुष्टि होती रही है।




