कानपुर में हीट स्ट्रोक से तड़पकर मर रहे चमगादड़, बदबू फैलने से मंडराया महामारी का खतरा

कानपुर/उत्तर प्रदेश। यूपी के कानपुर से खौफनाक तस्वीरें सामने आ रही हैं। कानपुर में बीते पांच दिनों से 45 से 46 डिग्री तापमान बना हुआ है। दिन और रात के तापमान में विशेष अंतर नहीे है। जिसकी वजह से आम जनजीवन प्रभावित है। इंसान से लेकर जीव-जुंतुओं पर भी इसका असर देखा जा रहा है। कानपुर हीट स्ट्रोक की वजह से नानाराव पार्क में बड़ी संख्या में चमगादड़ों की मौत हुई है। पेड़ों से गिरकर चमगादड़ तड़प-तड़प कर मर रहे हैं। उनके अवशेष पूरे पार्क में फैले पड़े हैं। जिसकी बदबू की वजह से सांस लेना भी मुश्किल हो रहा है। इसके साथ ही महामारी का भी खतरा बढ़ गया है।
नानाराव पार्क में कई पेड़ हजारो वर्ष पुराने हैं। जिनमें हजारों की संख्या में चमगादड़ों ने अपना आशीयाना बना रखा है। भीषण गर्मी के बीच चमगादड़ अपने आप पेड़ से टपक कर नीचे गिर रहे हैं। उनकी तड़प कर मौते हो रही हैं। चमगादड़ों के मरे हुए अवशेष इधर-उधर फैले पड़े हैं। इसके बावजूद भी नानाराव पार्क में आने-जाने वालों पर रोक नहीं लगाई है। चमगादड़ों से महामारी फैलने का खतरा बढ़ गया है।
कानपुर में भीषण गर्मी से चमगादड़ों की मौत हो रही है। कानपुर प्राणी उद्यान के पशु चिकित्सक अधिकारी डॉ अनुराग सिंह ने बताया कि चमगादड़ तापमान से 2 डिग्री सेल्सियस अधिक गर्मी फील करता है। यानी कानपुर का तापमान 44 से 45 डिग्री पहुंच रहा है। तो चमगादड़ उसे 47 से 48 डिग्री तक महसूस करता है। इससे बचने के लिए पेड़ों को पानी से सींचा जाना चाहिए। इसके साथ ही उनके पानी पीने की व्यवस्था की जानी चाहिए।
हीटवेव और लू लगने की वजह से चमगादड़ों की मौत हो रही है। इसके साथ ही पानी नहीं मिलना भी मौत का कारण माना जा रहा है। उन्होंने बताया कि ब्रेन में मौजूद हाइपोथैलेमस की क्षमता खत्म हो जाती है। जब गर्मी बर्दाश्त करने की क्षमता से हो जाती है, तो ऐसे में ब्रेन काम करना बंद कर देता है। इसी कारण चमगादड़ मर रहे हैं। क्यों कि किसी भी तरह से गर्मी से उन्हें राहत नहीं मिल पा रही है।




