दिल्ली मेट्रो का छतरपुर मंदिर स्टेशन पर टनलिंग का काम पूरा, डीएमआरसी ने टीबीएम मशीन से खोद दी 860 मीटर लंबी सुरंग
Tunneling work of Delhi Metro at Chhatarpur Mandir station completed, DMRC dug 860 meter long tunnel with TBM machine

नई दिल्ली/एजेंसी। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने फेज 4 के तहत एयरोसिटी-तुगलकाबाद कॉरिडोर में एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। डीएमआरसी ने छतरपुर और छतरपुर मंदिर स्टेशनों के बीच 860 मीटर लंबी अंडरग्राउंड सुरंग का निर्माण पूरा कर लिया है। इस सुरंग को बनाने में टनल बोरिंग मशीन का इस्तेमाल किया गया। इस खास मौके पर डीएमआरसी के एमडी डॉ. विकास कुमार और दूसरे वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।यह सुरंग एयरोसिटी-तुगलकाबाद कॉरिडोर का एक अहम हिस्सा है, जो फेज 4 के तहत बनाया जा रहा है। इस कॉरिडोर की कुल लंबाई 19.343 किलोमीटर है, जो पूरी तरह से अंडरग्राउंड होगी। इस कॉरिडोर के बनने से एयरोसिटी और तुगलकाबाद के बीच सफर करना और भी आसान हो जाएगा।
इस प्रोजेक्ट में कई चुनौतियां भी आईं। सुरंग बनाते समय 66 केवी की हाई टेंशन बिजली लाइन को दूसरी जगह शिफ्ट करना पड़ा। इसके अलावा, TBM को मौजूदा येलो लाइन के नीचे से भी गुजरना पड़ा, जो अपने आप में एक बड़ी चुनौती थी। सुरंग बनाने के लिए ईपीबीएम तकनीक का इस्तेमाल किया गया। इस तकनीक में प्रीकास्ट टनल रिंग्स से कंक्रीट की लाइनिंग बनाई जाती है। इन रिंग्स को मुंडका में एक खास जगह पर बनाया गया था। मजबूती के लिए इन रिंग्स को स्टीम क्यूरिंग सिस्टम से ठीक किया गया था।
सुरंग निर्माण के दौरान सभी जरूरी सुरक्षा उपायों का ध्यान रखा गया। जमीन की निगरानी के लिए खास उपकरणों का इस्तेमाल किया गया ताकि कहीं कोई धंसान न हो। डीएमआरसी ने यह सुनिश्चित किया कि निर्माण कार्य के दौरान आसपास के इलाकों को किसी भी तरह का नुकसान न पहुंचे। डीएमआरसी के एमडी डॉ. विकास कुमार ने इस उपलब्धि पर खुशी जताई और कहा कि यह डीएमआरसी के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस सुरंग के बनने से एयरोसिटी और तुगलकाबाद के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी। हमारा लक्ष्य है कि हम जल्द से जल्द इस कॉरिडोर को लोगों के लिए खोल दें।
फेज 4 के तहत डीएमआरसी कुल 40.109 किलोमीटर लंबी अंडरग्राउंड लाइनें बना रही है। इन लाइनों के बनने से दिल्ली की मेट्रो सेवा और भी बेहतर और आधुनिक हो जाएगी। डीएमआरसी का मकसद लोगों को तेज, सुरक्षित और आरामदायक सफर का अनुभव प्रदान करना है। टीबीएम एक ऐसी बड़ी मशीन है जो सुरंगे बनाने के काम आती है। यह मशीन गोल आकार में सुरंग खोदती है। यह मशीन मिटटी, पत्थर और बाकी चीजों को काटकर आगे बढ़ती है। टीबीएम ने पूरी दुनिया में सुरंग बनाने के तरीके को बदल दिया है। इससे बिना इमारतों और दूसरी चीजों को नुकसान पहुंचाए सुरंग बनाई जा सकती है।शहरों में जहां बहुत भीड़भाड़ होती है, वहां टनल बोरिंग मशीन का इस्तेमाल सुरंग बनाने के लिए बहुत फायदेमंद होता है। डीएमआरसी अपने फेज 1 से ही टीबीएम का इस्तेमाल कर रहा है। फेज 3 में, जब लगभग 50 किलोमीटर लंबी अंडरग्राउंड लाइनें बनाई गई थीं, तब दिल्ली में लगभग 30 टीबीएम का इस्तेमाल किया गया था।




