आतंकिस्तान बन चुके पाकिस्तान की सेना संग श्रीलंकाई आर्मी कर रही अभ्यास, असीम मुनीर की भारत के करीबी पर नजर

पाकिस्तान सरकार की नीति में आतंकवादियों के जरिए भारत के खिलाफ प्रॉक्सी वॉर लड़ना रहा है। ये वही मॉडल है जिसे ईरान, इराक और तुर्की जैसे इस्लामिक देश भी अपनाए हुए हैं। मार्च 2026 की अमेरिकी कांग्रेस की रिपोर्ट और सुरक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक पाकिस्तान में 150 से अधिक आतंकवादी संगठन सक्रिय हैं।
इस्लामाबाद/एजेंसी। आतंकवादियों की फैक्ट्री चलाने वाला पाकिस्तान श्रीलंका को आतंकवाद से लड़ने के गुर सिखा रहा है। पाकिस्तानी सेना ने सोमवार को बताया है कि श्रीलंका और पाकिस्तान ने आतंकवाद-रोधी क्षमताओं को मजबूत करने के लिए दो हफ्ते का एक संयुक्त सैन्य अभ्यास शुरू किया है। उसने कहा है कि यह दोनों देशों के बीच गहरे रक्षा सहयोग का संकेत है। हैरानी की बात ये है कि जिस पाकिस्तान में दर्जनों आतंकी संगठन है, जिस पाकिस्तान के कई आतंकी संगठनों पर यूनाइटेड नेशंस प्रतिबंध लगा चुका है वो आतंकवाद विरोधी ट्रेनिंग कर रहा है।
पाकिस्तान का कहना है कि उसके श्रीलंका के साथ कई सालों से गहरे रक्षा संबंध रहे हैं। उसने दावा किया है कि इस्लामाबाद ने तमिल अलगाववादी विद्रोहियों के साथ श्रीलंका सरकार के 25 साल लंबे संघर्ष में उसकी मदद की थी। पाकिस्तानी सेना की मीडिया शाखा इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) ने कहा है कि पाकिस्तान-श्रीलंका का यह अभ्यास ‘शेक हैंड्स-II’ दोनों देशों की सेनाओं के बीच एक संयुक्त आतंकवाद-रोधी अभ्यास है।
आईएसपीआर के मुताबिक यह दो हफ्ते का अभ्यास पाकिस्तान के तरबेला में शुरू हुआ जिसमें पाकिस्तानी सेना के स्पेशल सर्विसेज़ ग्रुप और श्रीलंकाई सेना के स्पेशल फोर्सेज ने हिस्सा लिया। आईएसपीआर ने कहा “इस अभ्यास का मकसद संयुक्त प्रशिक्षण के जरिए पेशेवर क्षमताओं को बढ़ाना है और साथ ही दोनों मित्र देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे सैन्य-से-सैन्य संबंधों को और मजबूत करना है।” इसके बयान में आगे कहा गया है “इसमें हिस्सा लेने वाले सैनिकों को आतंकवाद-रोधी अभियानों में अपने ऑपरेशनल अनुभवों और विशेषज्ञता को आपस में बांटने का फायदा मिलेगा जिससे आपसी तालमेल और समझ बेहतर होगी।”
पाकिस्तान सरकार की नीति में आतंकवादियों के जरिए भारत के खिलाफ प्रॉक्सी वॉर लड़ना रहा है। ये वही मॉडल है जिसे ईरान, इराक और तुर्की जैसे इस्लामिक देश भी अपनाए हुए हैं। मार्च 2026 की अमेरिकी कांग्रेस की रिपोर्ट और सुरक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक पाकिस्तान में 150 से अधिक आतंकवादी संगठन सक्रिय हैं। इनमें 15 बड़े संगठन प्रमुख रूप से शामिल हैं जो पाकिस्तान की धरती का उपयोग सुरक्षित पनाहगाह के रूप में करते हैं। पाकिस्तान के आतंकवाद विरोधी संस्था एनएसीटीए ने 19 अप्रैल 2026 तक की अपडेटेड लिस्ट में 91 संगठनों को प्रतिबंधित घोषित किया है। ऐसा उसने बढ़ते अंतर्राष्ट्रीय दबाव की वजह से किया।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की ‘1267 प्रतिबंध समिति’ ने पाकिस्तान से संबंधित या वहां स्थित लगभग 150 आतंकवादी संगठनों और व्यक्तियों को ब्लैकलिस्ट कर रखा है। यूनाइटेड नेशंस की इस सूची में शामिल मुख्य संगठनों में अल-कायदा, लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान और लश्कर-ए-झांगवी जैसे नाम शामिल हैं। भारत ने पिछले साल पहलगाम आतंकी हमले के बाद ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ को भी वैश्विक आतंकवादी संगठन घोषित करने के लिए UN में प्रस्ताव दिया है जिस पर यूएनएससी विचार कर रहा है।




