महाराष्ट्र में पुरुष महिलाओं से करा पाएंगे मसाज, सरकार की रजामंदी के बाद हाईकोर्ट ने दिए निर्देश
Men in Maharashtra will be able to get massage from women, High Court gave instructions after the consent of the government

मुंबई/एजेंसी। मुंबई समेत महाराष्ट्र के दूसरे शहरों खुले स्पा सेंटरों पुरुष महिलाओं से मसाज करा सकेंगे। इतना ही नहीं महिलाएं भी पुरुषों से मसाज करवा सकेंगी। बॉम्बे हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की तरफ से क्रॉस जेंडर मसाज पर जवाब मिलने के बाद छह हफ्ते में दिशा निर्देश बनाने का आदेश दिया है। राज्य सरकार ने बॉम्बे हाईकोर्ट को कहा है कि उसे क्रॉस जेंडर मसाज को अनुमति देने पर कोई आपत्ति नहीं है। बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देश के बाद अब महाराष्ट्र में जल्द ही इस संबंध में दिशा निर्देश आने की उम्मीद है। इससे स्पा, मसाज सेंटर्स, थेरेपी और वेलनेस सेंटर्स को काफी राहत मिलेगी।
बॉम्बे हाईकोर्ट ने सरकार को छह हफ्ते में दिशा निर्देश तैया करने का आदेश एक याचिका पर सुनवाई के बाद दिए हैं। पहले सरकार ने राज्य सरकार से उसका पक्ष पूछा था। दरअसल बॉम्बे हाईकोर्ट को 11 थेरेपिस्ट की एक याचिका मिली थी। इसमें कहा गया था कि वे पुलिस की तरफ से अक्सर छापेमारी से परेशान है। पुलिस ने अनैतिक व्यापार (रोकथाम) अधिनियम 1956 के तहत कार्रवाई करती है। इसलिए इस संबंध में नियम बनाए जाएं। इस याचिका में गरिमा को प्रभावित करने और अजीविका के आधार के साथ सम्मान के अधिकार के साथ समानता के अधिकार का हवाला दिया गया था।
लाइव लॉ ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि जस्टिस मोहिते-डेरे ने मौखिक रूप से कहा कि महाराष्ट्र के महाधिवक्ता से कहा कि इसे कहीं न कहीं तो रोकना ही होगा। पुलिस इन लोगों को अनावश्यक रूप से परेशान करती है। इस पर महाधिवक्ता डॉ. बीरेंद्र सराफ ने पीठ को बताया कि आमतौर पर पुलिस तभी कदम उठाती है जब पड़ोसी आदि द्वारा शिकायत की जाती है, जिसे भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इस मामले में 27 जनवरी को सुनवाई हुई।
जस्टिस रेवती मोहिते-डेरे और डॉ. नीला गोखले की खंडपीठ ने 11 थेरेपिस्ट की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकार से उसका पक्ष पूछा था। कोर्ट ने सरकार से से कहा था कि इन्हें पुलिस परेशान करती है। इस संबंध दिशा निर्देशों का होना जरूरी है, ताकि ये पुलिस कार्रवाई से बच सकें और नियमों के अनुसार इस पेशे को संचालित करें। इसके बाद हाईकोर्ट ने याचिका की सुनवाई स्थगित कर दी थी। अब देखना है कि क्रॉस जेंडर मसाज को लेकर सरकार क्या नियम बनाती है। हाईकोर्ट के इस फैसले मुंबई के हजारों की संख्या में स्पा सेंटर्स को बड़ी राहत मिलने की राह खुली है।




