गाजियाबाद की सोसायटी में अटकी लिफ्ट, 10 साल के बेटे के साथ फंसी महिला

गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में लिफ्ट अटकने का मामला सामने आया है। वैशाली सेक्टर-चार स्थित गेटवे टावर्स सोसायटी में सोमवार देर रात 11 बजे लिफ्ट में मां और 10 साल का बेटा करीब 7 मिनट तक फंसे रहे। इलेक्ट्रीशियन के आने के बाद लिफ्ट खोलकर उन्हें बाहर निकाला गया। मौके पर सोसायटी में पुलिस भी पहुंची। हालांकि तब तक पीड़ित को लिफ्ट से बाहर निकाला जा चुका था। आरडब्ल्यूए से सीसीटीवी फुटेज मांगी गई तो उन्होंने मना कर दिया। पीड़ित ने इसकी शिकायत राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, गृह सचिव, जीडीए वीसी, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से की है। इसके बाद एसएचओ कौशांबी और चौकी इंचार्ज वैशाली ने सोसायटी आकर निरीक्षण करने का आश्वासन दिया है।
पीड़ित मोहम्मद फुजैल खान सोसायटी में चौथी मंजिल पर अपने परिवार के साथ रहते हैं। वह सुप्रीम कोर्ट में ऑन रिकॉर्ड एडवोकेट हैं। उन्होंने बताया कि सोमवार रात करीब 11 बजे उनके ससुर कुछ सामान देने सोसायटी में आए थे। सामान ज्यादा होने के कारण पत्नी नीचे से ही लिफ्ट से सामान ले जा रही थी। उस समय ससुर नीचे ही लिफ्ट के पास खड़े थे। दूसरी बार सामान लेने के लिए पत्नी और बेटा नीचे आ रहे थे। तभी लिफ्ट बंद कर दी गई, जिससे दोनों करीब सात मिनट तक लिफ्ट में फंसे रहे।
गाजियाबाद की सोसायटी में लिफ्ट चौथी और तीसरी मंजिल के बीच आकर फंस गई। उस समय सोसायटी के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष और सचिव टहल रहे थे। उन्होंने ही गार्ड को लिफ्ट बंद करने का निर्देश दिया। इस दौरान उनके ससुर ने गार्ड को जानकारी दी कि लिफ्ट में उनकी बेटी और नाती है। इसके बावजूद उसने नहीं सुना।
13 मंजिल वाली इस सोसायटी में कुल 148 फ्लैट हैं। चार टावर हैं। आरडब्ल्यूए अध्यक्ष योगेश रंजन गुप्ता ने बताया कि पिछले एक साल से बिजली बचाने के लिए रात साढ़े ग्यारह के बाद से सुबह 5 बजे तक हर टावर की एक लिफ्ट बंद कर दी जाती है। सोसायटी में चार ब्लॉक हैं। हर ब्लॉक में दो यानी कुल 8 लिफ्ट लगी हैं। बेसमेंट में जाकर लिफ्ट को बंद करना होता है। सीसीटीवी फुटेज में साढ़े ग्यारह बजे के बाद का समय शो हो रहा है। सोमवार रात इलेक्ट्रीशियन लिफ्ट को बंद करने से पहले ग्राउंड फ्लोर पर लाया था। उसके बाद वह बेसमेंट में लिफ्ट बंद करने चला गया। उसी समय लिफ्ट को ऊपर बुला लिया गया। जानकारी मिलने के महज दो से ढाई मिनट में लिफ्ट खोलकर मां और बेटे को बाहर निकाल लिया गया।

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